केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पद्मश्री छुटनी महतो को किया सम्मानित, डायन-बिसाही के खिलाफ अभियान में सहयोग का भरोसा
पीड़ित परिवारों की मदद के लिए विभागों और महिला समूहों को जोड़ने की पहल, छुटनी महतो ने मंत्री के समक्ष रखीं समस्याएं

रांची, सरायकेला : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पद्मश्री से सम्मानित छुटनी महतो को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने डायन-बिसाही और अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ छुटनी महतो द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना की। मंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की लड़ाई में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय उनके साथ है। उन्होंने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने की दिशा में प्रयास करने का भी आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के खिलाफ छुटनी महतो का संघर्ष साहस और सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण है। इस कुप्रथा के कारण आज भी कई महिलाओं को प्रताड़ना, अपमान और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सामाजिक जागरूकता के साथ पीड़ित महिलाओं और उनके परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभियान को व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित होने से पीड़ित परिवारों तक सहायता पहुंचाने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।
पीड़ित परिवारों की समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं
मुलाकात के दौरान पद्मश्री छुटनी महतो ने डायन-बिसाही से प्रभावित परिवारों की समस्याओं के साथ अपनी परिस्थितियों से भी मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद लोगों की उनसे उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। विभिन्न क्षेत्रों से पीड़ित परिवार उन्हें घटनास्थल पर बुलाते हैं जबकि कई लोग सहायता की उम्मीद लेकर उनके घर पहुंचते हैं। इन परिवारों को भरोसा रहता है कि छुटनी महतो उनकी समस्याओं के समाधान और न्याय दिलाने में मदद करेंगी। छुटनी महतो ने बताया कि सीमित संसाधनों और अपनी क्षमता के बावजूद वह जरूरतमंदों की सहायता करने का हरसंभव प्रयास करती हैं। हालांकि पीड़ित परिवारों की बढ़ती अपेक्षाओं के बीच उनके सामने कई तरह की चुनौतियां भी आती हैं। इसके बावजूद वह सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान जारी रखने और पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रयासरत हैं। छुटनी महतो की बातों और समस्याओं को सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ समन्वय की जरूरत पर जोर दिया।
सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर
डायन-बिसाही के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रहीं छुटनी महतो को पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। अब पीड़ित परिवार उनसे न्याय, सुरक्षा और सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में अभियान से सरकारी विभागों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने का प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर छुटनी महतो के साथ लखाईडीह के ग्राम प्रधान कान्हू राम टुडू, अतुल चंद्र महतो, भैरव महाराज, सिद्धार्थ मार्डी और प्रभाकर उपस्थित थे। मुलाकात में महिलाओं के सम्मान की रक्षा, अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।