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होमगार्ड बहाली पर बवाल, एक पते पर 73 आवेदन के आरोप, प्रशासन बोला: प्रक्रिया अभी जारी

रिपोर्ट: MANISH 20 घंटे पहलेझारखण्ड

फर्जीवाड़े के आरोपों के बीच प्रशासन का जवाब: सत्यापन के बाद ही अंतिम चयन, गलत पाए जाने पर होगी कार्रवाई

होमगार्ड बहाली पर बवाल, एक पते पर 73 आवेदन के आरोप, प्रशासन बोला: प्रक्रिया अभी जारी

सरायकेला-खरसावां : जिले में होमगार्ड बहाली को लेकर उठे फर्जीवाड़े के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने बहाली प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि एक ही पते पर 73 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया जिनमें से 24 का चयन भी हो गया। इसके अलावा अन्य पतों पर भी असामान्य रूप से अधिक संख्या में आवेदन और चयन सामने आए हैं जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि बाहरी अभ्यर्थियों ने फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र बनवाकर चयन सूची में जगह बनाई है जिससे स्थानीय युवाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का डोर-टू-डोर सत्यापन कराने, संदिग्ध चयन रद्द करने और दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। इधर मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कहा है कि गृहरक्षक नवनामांकन प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है। फिलहाल केवल लिखित, शारीरिक दक्षता और तकनीकी परीक्षा के आधार पर अस्थायी मेधा सूची प्रकाशित की गई है। प्रशासन के अनुसार अंतिम चयन से पहले 29 अप्रैल से 6 मई 2026 तक अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन और चिकित्सकीय जांच की जाएगी। इस दौरान यदि किसी अभ्यर्थी के दस्तावेज फर्जी या संदिग्ध पाए जाते हैं तो उसकी अभ्यर्थिता रद्द कर दी जाएगी और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा अंतिम चयन से पहले पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है जिसमें अभ्यर्थियों के निवास, चरित्र और पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप की जा रही है। साथ ही लोगों से अपुष्ट खबरों और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। फिलहाल आरोप और प्रशासन के जवाब के बीच यह मामला जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और अब सभी की नजर आगामी सत्यापन प्रक्रिया और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

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