विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद बिरनी पुलिस पर उठे गंभीर सवाल, 5 घंटे तक शव नहीं उठा सकी पुलिस
आरोपी फरार, कार्रवाई पर सवाल, हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश का परिजनों ने लगाया आरोप, पुलिस रही मूकदर्शक

गिरिडीह : बिरनी थाना क्षेत्र के भरकट्टा ओपी अंतर्गत बलिया पंचायत के पहरियाडीह गांव में 30 वर्षीय विवाहिता गुड़िया खातून का शव फंदे से झूलता मिलने के बाद पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मृतका के मायके पक्ष ने इसे हत्या कर आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगाया है। वहीं घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने और पुलिस की कथित सुस्त कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। शनिवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर बेंगाबाद थाना क्षेत्र के तेलोनारी गांव से पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने गुड़िया खातून के शव पर कई जगह गहरे जख्म और खून के निशान होने का दावा किया। परिजनों का आरोप है कि उसके हाथ, पैर और कमर की हड्डियां तक टूटी हुई थीं जिससे स्पष्ट होता है कि पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और बाद में शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। आक्रोशित परिजनों ने इस दौरान ससुराल पक्ष के घर में तोड़फोड़ भी की। मृतका की मां नुमा बीबी ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब उन्होंने ससुराल पक्ष से संपर्क करने की कोशिश की तो सभी के मोबाइल फोन बंद मिले। जब वे गांव पहुंचीं तो घर के सभी लोग फरार थे। उनका कहना है कि यदि यह आत्महत्या का मामला होता तो परिवार के लोग घटनास्थल छोड़कर नहीं भागते। उन्होंने हत्या की निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली भी विवादों में आ गई। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस समय पर घटनास्थल नहीं पहुंची और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी नाराजगी के कारण लोगों ने करीब चार से पांच घंटे तक शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने नहीं दिया। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा नहीं मिलेगा तब तक शव नहीं ले जाने दिया जाएगा। मामले को शांत कराने के लिए भरकट्टा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय, एसआई जितेंद्र सिंह, एएसआई भक्तलाल मंडल तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया जिसके बाद शाम करीब पांच बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस घटना की सूचना मिलते ही तत्परता दिखाती और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तुरंत कार्रवाई करती तो लोगों में इतना आक्रोश नहीं होता। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के साथ-साथ यदि जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजन इस मामले को हत्या बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।