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एनआईटी जमशेदपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह शुरू, एसपी मनोज स्वर्गियारी ने सत्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर दिया जोर

रिपोर्ट: MANISH 7 घंटे पहलेझारखण्ड

एनआईटी जमशेदपुर में पारदर्शिता की दिशा में पहल, सीवीसी पोर्टल की सभी शिकायतों का निपटारा, वेबसाइट ऑडिट में मिले 88.34 प्रतिशत अंक

एनआईटी जमशेदपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह शुरू, एसपी मनोज स्वर्गियारी ने सत्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर दिया जोर

आदित्यपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम सत्यनिष्ठा से समृद्धि (Probity for Prosperity) रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन और संस्थागत कार्यप्रणाली में ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नैतिक आचरण को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सत्यनिष्ठा की शपथ के साथ हुआ। इस दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को याद किया गया। कार्यक्रम में सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एनआईटी के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार मुख्य संरक्षक थे, जबकि शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. एम.के. सिन्हा ने अध्यक्षता की। कुलसचिव (प्रभारी) प्रो. सरोज कुमार सारंगी भी कार्यक्रम से जुड़े रहे। मुख्य अतिथि मनोज स्वर्गियारी ने अपने संबोधन में निवारक सतर्कता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक आचरण सतत आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति तथा राष्ट्रीय कल्याण के आवश्यक आधार हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त समाज और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के निर्माण में प्रत्येक नागरिक एवं सरकारी कर्मचारी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही नागरिकों की सुरक्षा और संस्थागत पारदर्शिता मजबूत करने में सूचना प्रौद्योगिकी तथा साइबर सुरक्षा की उपयोगिता पर जोर दिया।

शिकायतों और आरटीआई मामलों का निपटारा

संस्थान की ओर से निवारक सतर्कता को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों में किए गए प्रयासों की जानकारी दी गई। इनमें लंबित शिकायतों और मामलों का निपटारा, क्षमता निर्माण, डिजिटल पहल तथा अनुबंध प्रबंधन शामिल हैं। संस्थान के अनुसार केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) पोर्टल के माध्यम से विचाराधीन अवधि में एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसका निपटारा कर दिया गया है। फिलहाल पोर्टल पर संस्थान से संबंधित कोई शिकायत लंबित नहीं है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुड़े कुल 119 मामले प्राप्त हुए और सभी का निपटारा कर दिया गया। संबंधित जानकारी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

डिजिटल पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस पर जोर

संकाय सदस्यों और मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें साइबर सुरक्षा, साइबर स्वच्छता, सार्वजनिक खरीद, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM), आचरण नियम और हितों के टकराव जैसे विषय शामिल रहे। संस्थान के अनुसार वर्ष 2025-26 के तृतीय-पक्ष पारदर्शिता ऑडिट में वेबसाइट को 875 में से 773 अंक मिले जो लगभग 88.34 प्रतिशत है। वहीं अनुबंध प्रबंधन में 100 प्रतिशत ई-भुगतान, 100 प्रतिशत ई-टेंडरिंग और केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल के माध्यम से 80 प्रतिशत खरीद एवं अनुबंध संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के माध्यम से एनआईटी जमशेदपुर ने संस्थागत कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक प्रशासन की संस्कृति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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