आदित्यपुर में पार्षद बनमाली दास के खिलाफ ग्रामीणों का मोर्चा, जातिसूचक टिप्पणी और अवैध वसूली के आरोप
ट्रांसफार्मर हटवाने से लेकर कथित ‘कट मनी’ तक के आरोप, डीसी-पुलिस से कार्रवाई की मांग

आदित्यपुर : नगर निगम के वार्ड संख्या-01 में विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी और सामाजिक विवाद गहराता जा रहा है। क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने वार्ड पार्षद बनमाली दास के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पार्षद द्वारा विकास कार्यों में बाधा डालने के साथ-साथ लोगों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया तथा विभिन्न सरकारी एवं जनसुविधा से जुड़े कार्यों के नाम पर कथित रूप से अवैध राशि की मांग की जाती है। ग्रामीणों ने इस संबंध में आदित्यपुर थाना प्रभारी और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच तथा कार्रवाई की मांग की है। हालांकि लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पार्षद बनमाली दास का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
ट्रांसफार्मर और स्ट्रीट लाइट का काम रुकवाने का आरोप
वनडीह (आनंदपुर) निवासी गणेश सरदार द्वारा आदित्यपुर थाना में दिए गए आवेदन के अनुसार, वार्ड क्षेत्र में बिजली संकट और अंधेरे की समस्या दूर करने के लिए डीएमएफटी फंड से स्ट्रीट लाइट एवं नया ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जा रहा था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दौरान पार्षद बनमाली दास मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया। आरोप है कि लगाए गए ट्रांसफार्मर को भी उतरवा दिया गया तथा बिजली कर्मियों को वहां से वापस भेज दिया गया। गणेश सरदार का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता ने इसे सामाजिक अपमान बताते हुए पुलिस से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
बोरिंग और वंशावली को लेकर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल
*दूसरी ओर वनडीह, हथियाडीह, सापड़ा, आनंदपुर और उत्तमडीह क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त शिकायत उपायुक्त को सौंपकर पार्षद की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की अनुमति के बावजूद निजी बोरिंग कराने के लिए कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग की जाती है। इसके अलावा बच्चों के जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र के लिए वंशावली जारी कराने तथा पैतृक संपत्ति के बंटवारे से संबंधित वंशावली सत्यापन के नाम पर भी कथित रूप से राशि मांगने के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ मामलों में यह राशि 25 हजार रुपये तक मांगे जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा वार्ड में बिजली एवं स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुचारु कराने की मांग की है। अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है। वहीं आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।