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चैनपुर में हाथियों के उत्पात से दहशत में ग्रामीण, पांच एकड़ धान की फसल रौंदी

रिपोर्ट: Shailendra Tiwary17 घंटे पहलेझारखण्ड

समाजसेवी हरिद्वार सिंह, प्रेमचंद पासवान समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड खेतों में पहुंचा और फसल को रौंदने लगा।

चैनपुर में हाथियों के उत्पात से दहशत में ग्रामीण, पांच एकड़ धान की फसल रौंदी

चैनपुर : चैनपुर प्रखंड के सुदूरवर्ती इलाकों में जंगली हाथियों के झुंड का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाथियों द्वारा खेतों में लगी धान की फसल को रौंदकर बर्बाद किए जाने से किसान परेशान व निराश हैं। शनिवार की रात सलतुआ पंचायत के थम्हवा गांव में करीब 15 जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने चार किसानों के लगभग पांच एकड़ खेत में लगी धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों ने थम्हवा गांव निवासी कैलाश सिंह, फलू सिंह, महेंद्र सिंह और शंकर सिंह के खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया।

समाजसेवी हरिद्वार सिंह, प्रेमचंद पासवान समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड खेतों में पहुंचा और फसल को रौंदने लगा। ग्रामीणों ने हल्ला कर हाथियों को भगाने का प्रयास किया व तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची व ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को खेतों से जंगल की ओर खदेड़ा गया।

प्रभारी फॉरेस्टर संदीप डोडराय ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से जंगली हाथियों का झुंड चैनपुर के विभिन्न गांवों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। शनिवार रात के पहले भी खुरा गांव से हाथियों को भगाया गया था। इसके बाद हाथी जंगल के रास्ते थम्हवा पहुंचे, जहां से भी उन्हें हटाया गया। फिलहाल हाथियों का झुंड थम्हवा जंगल में मौजूद है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। लगातार फसल बर्बाद होने से किसानों ने वन विभाग से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने तथा हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने की मांग की है।

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