बीजीआर के कर्मियों को ग्रामीणों ने 10 घंटे तक घेरे रखा , त्रिपक्षीय वार्ता की मांग की
अधिकारियों द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता होने तक क्षेत्र में नहीं आने का आश्वासन दिए जाने पर, ग्रामीणों ने उन्हें घेरे से बाहर जाने दिया गया।

Ajay Kumar बड़कागांव - एनटीपीसी की सहयोगी कंपनी बीजीआर के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को सोमवार को अंबाजीत गांव के निकट कंपनी द्वारा बनाए गए अस्थायी कार्यालय में ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गोंदलपुरा ,बादम, हरली सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह 11:00 से लेकर रात्रि 9:00 बजे तक तकरीबन 10 घंटे तक घेरे रखा तथा अपनी विभिन्न मांगों और आपत्तियों को लेकर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना था की डीसी के उपस्थिति में जब तक प्रशासन, पुलिस, कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता नहीं होती है, तब तक कंपनी के पदाधिकारी क्षेत्र में नहीं आएं। घटना की सूचना मिलने पर बड़कागांव पुलिस इंस्पेक्टर शाहीद रजा ,थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह सशस्त्र पुलिस बल के साथ पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने बुझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद ग्रामीणों और कंपनी के प्रबंधक समेत अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। ग्रामीणों ने बताया कि कई घंटे वार्ता के दौरान कंपनी के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि त्रिपक्षीय बैठक आयोजित होने तक वे क्षेत्र में नहीं आएंगे। यदि तय शर्तों का उल्लंघन कर कंपनी के अधिकारी या कर्मचारी क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ेगा। कंपनी के अधिकारियों द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता होने तक क्षेत्र में नहीं आने का आश्वासन दिए जाने पर, ग्रामीणों ने उन्हें घेरे से बाहर जाने दिया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि पूर्वज से हम लोग अपने जमीन में खेती बाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं। अपनी जमीन को बचाने के लिए तकरीबन 1200 दिन से कोल कंपनीयों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसी भी हालत में हम लोग अपनी जमीन किसी भी कोल कंपनी को नहीं देंगे।
बीजीआर के महाप्रबंधक का कहना है।
इस मामले में बीजीआर कंपनी के महाप्रबंधक पी सत्या नायडू से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम लोगों ने ग्रामीणों के साथ वार्ता करने के लिए कई बार गांव गए, परंतु लोग बंधक बना लेते हैं, ऐसी स्थिति में वार्ता कैसे हो पाएगी। वहीं इस घटना को लेकर कंपनी के द्वारा बड़कागांव थाने में ग्रामीणों के खिलाफ आवेदन देने की बात आ रही है।