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चांडिल जलाशय से खेतों तक पहुंचेगा पानी, 607 करोड़ की मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी पर मधुश्री महतो ने जताया आभार

रिपोर्ट: MANISH 7 घंटे पहलेझारखण्ड

कुकड़ू-नीमडीह के किसानों की पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में बड़ा कदम, मधुश्री महतो ने मुख्यमंत्री और सरकार को दी बधाई

चांडिल जलाशय से खेतों तक पहुंचेगा पानी, 607 करोड़ की मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी पर मधुश्री महतो ने जताया आभार

सरायकेला-खरसावां : चांडिल जलाशय से पानी उठाकर कुकड़ू और नीमडीह प्रखंडों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने वाली मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को झारखंड सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने आभार जताया है। उन्होंने इसे क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार को बधाई दी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से चांडिल जलाशय का पानी दोनों प्रखंडों तक पहुंचाने की योजना है। मधुश्री महतो ने बताया कि कुकड़ू प्रखंड जिले के सुदूरवर्ती और पिछड़े क्षेत्रों में शामिल है, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय से ग्रामीणों के लिए चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में डॉक्टरों, नर्सों, जनसेवकों और विषयवार शिक्षकों की कमी के साथ कोल्ड स्टोरेज, बिजली सब-स्टेशन और महाविद्यालय जैसी सुविधाओं की भी जरूरत है। जिला परिषद उपाध्यक्ष के अनुसार किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग को उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष कई बार उठाया था। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया था। इसके अलावा 30 जनवरी 2023 और 13 जून 2025 को कुकड़ू प्रखंड में आयोजित जनता दरबार के दौरान उपायुक्त के माध्यम से भी मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र दिया गया था। दस सूत्री मांग पत्र के क्रमांक चार में कुकड़ू-नीमडीह के किसानों के लिए चांडिल जलाशय से लिफ्ट सिंचाई योजना की मांग प्रमुखता से रखी गई थी। मधुश्री महतो ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते स्वास्थ्य, सिंचाई, शिक्षा, बिजली और पेयजल सहित क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में जेएसएफसी गोदाम, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, बस पड़ाव, डीप बोरिंग, पीसीसी सड़क, पुलिया और गार्डवाल जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए भी प्रयास किए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ परियोजना के समयबद्ध निर्माण और खेतों तक पानी पहुंचने पर निर्भर करेगा।

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