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जीत की लकीर पार करते ही थम गई सांसें, मैराथन में अव्वल आई 15 वर्षीय रोशनी की दर्दनाक मौत

रिपोर्ट: VBN News Desk1 दिन पहलेदेश

मां के आशीर्वाद से दौड़ी, जीतकर लौटी… और हमेशा के लिए सो गई, छात्रा की मौत से शोक में डूबा पूरा गांव

जीत की लकीर पार करते ही थम गई सांसें, मैराथन में अव्वल आई 15 वर्षीय रोशनी की दर्दनाक मौत

वलसाड जिले के उमरगाम के समीप महाराष्ट्र के वेवजी गांव में शुक्रवार (3 जनवरी 2026) की सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी जिसने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। स्कूल द्वारा आयोजित 5 किलोमीटर की मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान हासिल करने वाली 15 वर्षीय छात्रा रोशनी राकेशभाई गोस्वामी की जीत के कुछ ही मिनटों बाद मौत हो गई। जीत की खुशी अभी तालियों में गूंज ही रही थी कि अचानक एक मासूम जिंदगी हमेशा के लिए खामोश हो गई। वेवजी गांव के सोरठपाड़ा क्षेत्र स्थित भारती एकेडमी की ओर से आयोजित इस मैराथन में उमरगाम निवासी रोशनी ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। हर साल की तरह इस बार भी उसने सबको पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। लेकिन फिनिश लाइन पार करने के कुछ ही पल बाद उसकी सांसें तेज हो गईं, सीने में दर्द उठा और वह अचानक जमीन पर गिर पड़ी। घबराए स्कूल प्रबंधन ने उसे पहले नजदीकी अस्पताल और फिर उमरगाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक या अत्यधिक शारीरिक परिश्रम को मौत का कारण माना जा रहा है। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। रोशनी की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने भर्राई आवाज में कहा कि सुबह मेरी बेटी ने घर का काम किया, भाई को टिफिन दिया और मेरे पैर छूकर आशीर्वाद लेकर गई थी… क्या पता था वही आखिरी आशीर्वाद होगा। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतनी लंबी दौड़ के बावजूद न एंबुलेंस थी न मेडिकल टीम। समय पर इलाज मिलता तो शायद बेटी बच जाती। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मैराथन जीतकर भी जिंदगी की रेस हार गई रोशनी, और उसकी असमय मौत ने हर आंख नम कर दी है।

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