पचुवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस में तीसरे दिन भी खनन व परिवहन ठप, विस्थापितों का धरना जारी
पिछले तीन दिनों से जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा है

अमड़ापाड़ा/पाकुड़: आधारभूत सुविधाओं की मांग को लेकर पचुवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस में खनन, परिवहन सहित सभी गतिविधियां बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी पूरी तरह ठप रहीं। परियोजना क्षेत्र के विस्थापित महिला, पुरुष और बच्चे सार प्रोजेक्ट गेट के सामने अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
धरना दे रहे ग्रामीण बेहतर शिक्षा व्यवस्था, आधुनिक चिकित्सा सुविधा, योग्यता के अनुसार नौकरी, कोयला निकाले जा चुके जमीन का समतलीकरण तथा वेतन वृद्धि जैसी मांगों को प्रमुख रूप से उठा रहे हैं। यह आंदोलन अनुश्रवण एवं नियंत्रण कार्य समिति पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक–बिशनपुर के नेतृत्व में चल रहा है।
विभिन्न गांवों से पहुंचे विस्थापित ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि डब्लूबीपीडीसीएल और बीजीआर पिछले सात वर्षों से लगातार कोयले का खनन और परिवहन कर रही है, लेकिन विस्थापितों को बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक न तो कोई स्कूल बनाया गया और न ही सुविधायुक्त अस्पताल की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी सिर्फ बैठकों, आश्वासनों और वादों के सहारे अपना काम चला रही है तथा आदिवासी समुदाय का शोषण कर रही है।
इधर पिछले तीन दिनों से जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा है, लेकिन अब तक किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है।
धरना दे रहे ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो आंदोलन जारी रहेगा।