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होरीलोंग में 16 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त, तस्करों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा वन विभाग?

रिपोर्ट: अकरम 9 घंटे पहलेझारखण्ड

जब्ती के बाद भी उठे सवाल, बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी

होरीलोंग में 16 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त, तस्करों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा वन विभाग?

बरवाडीह, लातेहार : बरवाडीह वन विभाग द्वारा छेंचा पंचायत के होरीलोंग गांव में 16 बोरा अवैध बीड़ी पत्ता जब्त किए जाने के बाद जहां विभाग अपनी कार्रवाई को बड़ी सफलता बता रहा है वहीं स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल बीड़ी पत्ता जब्त कर लेना पर्याप्त नहीं है बल्कि इसके पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क और कारोबारियों तक पहुंचना भी जरूरी है। वनपाल रजनीश कुमार सिंह के अनुसार शुक्रवार रात गश्ती के दौरान होरीलोंग स्कूल के समीप खेत में संदिग्ध अवस्था में रखे गए बोरे देखे गए थे। इसके बाद शनिवार सुबह छापेमारी कर कुल 16 बोरा बीड़ी पत्ता जब्त किया गया। हालांकि इस कार्रवाई में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा झारखंड वन उपज नियमावली के तहत बिना अनुमति वन उपज का संग्रहण, भंडारण और परिवहन दंडनीय अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में जब्ती के साथ-साथ दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में बीड़ी पत्ता खेत तक पहुंच गया, तो इसके पीछे संगठित नेटवर्क की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि अवैध वन उपज किसके संरक्षण में जंगल से बाहर लाई गई और इसके वास्तविक संचालक कौन हैं। वन विभाग ने बताया कि जब्त बीड़ी पत्तों को विभागीय अभिरक्षा में रखा गया है तथा मामले की जांच जारी है। दोषियों की पहचान होने पर वन अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी दल में अखिलेश कुमार, रजनीश कुमार सिंह, अविनाश एक्का, अभिषेक एक्का, टीपीएफ जवान एवं ट्रैकर दल के सदस्य शामिल थे। फिलहाल लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच केवल जब्ती तक सीमित रहती है या अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क का भी खुलासा होता है।

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