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चैनपुर पुलिस ने 4 दिनों में किया हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए न्यायिक हिरासत में

रिपोर्ट: VBN News Desk4 घंटे पहलेझारखण्ड

थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि 3 जून की दोपहर लगभग 1 बजे सुनीता देवी बाहर से अपने घर लौटी।

चैनपुर पुलिस ने 4 दिनों में किया हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए न्यायिक हिरासत में

चैनपुर (गुमला)। चैनपुर पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर 12 वर्षीय बालक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में कराकू पुजरा टोली निवासी 26 वर्षीय सुनीता देवी (पति संदीप गोप) एवं उसका देवर 27 वर्षीय जागेश्वर गोप (पिता रामसाय गोप) शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, 3 जून की देर शाम चैनपुर थाना क्षेत्र के कराकू पुजरा टोली जंगल स्थित बरटोंगरी के पास एक पेड़ से 12 वर्षीय समीर चोरांठ (पिता सुरेंद्र चोरांठ) का शव फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। शनिवार की सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को उनके गांव कराकू पुजरा टोली से गिरफ्तार कर थाना लाया। पूछताछ के दौरान सुनीता देवी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में गुमला जेल भेज दिया।

ऐसे हुई थी घटना थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि 3 जून की दोपहर लगभग 1 बजे सुनीता देवी बाहर से अपने घर लौटी। घर पहुंचने पर उसने समीर चोरांठ और अपनी 5 वर्षीय पुत्री को अर्धनग्न अवस्था में देखा। यह देखकर वह आक्रोशित हो गई। सुनीता को देखते ही समीर वहां से भाग निकला। गुस्से में सुनीता देवी पहले समीर के घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद वह वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में उसकी नजर समीर पर पड़ी। सुनीता को देखकर समीर जंगल की ओर भागने लगा। सुनीता ने उसका पीछा कर जंगल में पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इसी दौरान उसने समीर को एक चट्टान पर पटक दिया, जिससे वह अचेत हो गया। घटना के बाद घबराई सुनीता ने अपने देवर जागेश्वर गोप को मौके पर बुलाया। दोनों ने मिलकर साक्ष्य छिपाने की नीयत से समीर के गले में पेड़ की बेल का फंदा लगाकर उसे एक पेड़ से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या प्रतीत हो। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। पुलिस की सख्ती से खुला राज मामले की गंभीरता को देखते हुए चैनपुर पुलिस लगातार जांच और पूछताछ कर रही थी। पुलिस की सख्ती और तकनीकी अनुसंधान के दबाव में आखिरकार सुनीता देवी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने देवर जागेश्वर गोप को भी गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में गुमला जेल भेज दिया गया है।

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