85 वर्षीय वृद्धा पेंशन और राशन से वंचित, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
बादम की बुजुर्ग महिला ने लगाई मदद की गुहार, नियमों के बावजूद नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

बड़कागांव : प्रखंड अंतर्गत बादम गांव की 85 वर्षीय वृद्ध महिला मो. मुनिया देवी सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वृद्धा का आरोप है कि उन्हें न तो वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है और न ही राशन कार्ड के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर और वृद्धावस्था से जूझ रही महिला ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार मो. मुनिया देवी की उम्र लगभग 85 वर्ष है और वे पूरी तरह सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वृद्धावस्था में जीवन-यापन के लिए उन्हें नियमित पेंशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन मिलना चाहिए, लेकिन अब तक उन्हें इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे उनके समक्ष रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र लाभुकों को पेंशन एवं राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद एक पात्र वृद्ध महिला का योजनाओं से वंचित रहना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। पूर्व मुखिया दीपक दास एवं वर्तमान मुखिया सुनीता देवी ने बताया कि पंचायत स्तर से आवश्यक दस्तावेज और कागजी प्रक्रिया पूरी कर संबंधित आवेदन अंचल कार्यालय में जमा कर दिए गए हैं। इसके बाद भी लाभ नहीं मिलना चिंता का विषय है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा मो. मुनिया देवी को शीघ्र वृद्धावस्था पेंशन और राशन योजना का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है इसलिए ऐसे मामलों का त्वरित समाधान होना चाहिए। फिलहाल वृद्धा प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह व्यवस्था की संवेदनहीनता का उदाहरण माना जाएगा।