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20 दिन से कचरा उठाव ठप, पार्षद नीतू शर्मा ने निगम के खिलाफ खोला मोर्चा

रिपोर्ट: MANISH 13 घंटे पहलेझारखण्ड

वार्ड 17 की पार्षद बोलीं- सफाई में भेदभाव बर्दाश्त नहीं, सभी वार्डों में समान व्यवस्था बहाल होने तक जारी रहेगा विरोध

20 दिन से कचरा उठाव ठप, पार्षद नीतू शर्मा ने निगम के खिलाफ खोला मोर्चा

आदित्यपुर : नगर निगम क्षेत्र में करीब 20 दिनों से डोर-टू-डोर कचरा उठाव और सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने के आरोपों के बीच अब पार्षदों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार को वार्ड 17 की पार्षद नीतू शर्मा ने निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निगम कार्यालय पहुंचकर कचरा उठाव में लगे वाहनों को रोक दिया और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। नीतू शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर निगम के कुछ चुनिंदा वार्डों में ही कचरा उठाव कराया जा रहा है जबकि अधिकांश वार्डों के लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। उन्होंने मेयर और डिप्टी मेयर पर जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनने तथा अधिकारियों पर जमीनी स्थिति का जायजा नहीं लेने का आरोप लगाया। पार्षद ने कहा कि जनता टैक्स इसलिए देती है ताकि उसे बेहतर सफाई, पानी, रोशनी और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। लेकिन यदि टैक्स देने के बावजूद लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलें तो नगर निगम को जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने रात में कराए जा रहे सफाई अभियान को भी महज दिखावा बताया। नीतू शर्मा ने कहा कि जनता ने उन्हें जिस जिम्मेदारी के लिए चुना है, सफाई व्यवस्था ठप रहने के कारण अब उन्हें अपने ही वार्ड के लोगों के सामने जाने में असहजता महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि निगम के नए बोर्ड को करीब पांच महीने हो चुके हैं लेकिन प्रत्येक बोर्ड बैठक में सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव आता है और बाद में मामला कागजों तक सीमित रह जाता है। पार्षद के अनुसार बुधवार को निगम कार्यालय के घेराव की चेतावनी दिए जाने के बाद कुछ कचरा वाहनों को वार्डों में भेजा गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक आंख में काजल और दूसरी आंख में सूरमा नहीं चलेगा। नीतू शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड की जनता जिस टैक्स का भुगतान करती है उसका समुचित उपयोग सफाई और रखरखाव में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वार्ड को उसके टैक्स के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वह अपने स्तर से सफाई, चापाकल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान में सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने निगम की मेंटेनेंस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार मरम्मत के बाद अगले ही दिन समस्या दोबारा सामने आ जाती है। ऐसे में मामला केवल कचरा उठाव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी कार्यप्रणाली की समीक्षा जरूरी है। पार्षद ने साफ किया कि जब तक नगर निगम के सभी वार्डों में नियमित और समान रूप से कचरा उठाव तथा सफाई व्यवस्था बहाल नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने निगम प्रशासन से तत्काल सभी वार्डों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और जनता को समान सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

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