9.46 करोड़ की जलापूर्ति योजना बनी सफेद हाथी, समयसीमा खत्म होने के बाद भी नहीं शुरू हुई पानी सप्लाई
10 हजार आबादी प्यास से परेशान, डेढ़ साल से भुगतान लंबित होने की बात स्वीकार कर रहा विभाग

गिरिडीह : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत तिसरी प्रखंड के गुमगी पंचायत में निर्माणाधीन जलापूर्ति परियोजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। लगभग 9 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से बन रही पानी टंकी की निर्धारित समयावधि समाप्त हो जाने के बावजूद अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी के बीच दो पंचायतों के करीब 10 हजार लोगों को आज भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता देवनाथ महतो ने स्वीकार किया है कि संवेदक के साथ हुए अनुबंध के अनुसार परियोजना को 18 माह के भीतर पूरा किया जाना था जिसकी समयसीमा मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद योजना अधूरी पड़ी हुई है और लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विभाग को पहले से पता था कि परियोजना की समयसीमा समाप्त होने वाली है तो समय रहते आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। विभागीय अधिकारी स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि पिछले डेढ़ वर्ष से संवेदक को भुगतान नहीं किया गया जिसके कारण निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में सरकारी कार्यप्रणाली और योजना क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत 3 लाख 10 हजार लीटर क्षमता वाली पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है जिससे गुमगी, बाजार, लचकन, खिरोद, जोड़ासीमार और ककनी सहित छह गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। परियोजना की शुरुआत वर्ष 2022-23 में हुई थी। हालांकि जमीन विवाद के कारण लगभग एक वर्ष तक काम प्रभावित रहा लेकिन बाद में विभाग ने दावा किया था कि मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह तक नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अब स्थिति यह है कि अधूरी टंकी के सामने खड़े होकर रेखा देवी, यशोदा देवी, रीता देवी, पार्वती देवी, कौशल्या देवी, अनिल विश्वकर्मा, टार्जन मिस्त्री, विशाल विश्वकर्मा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। इस मामले में दक्षिणी भाग के जिला परिषद सदस्य रामकुमार राउत ने भी विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की मंशा हर घर तक नल से जल पहुंचाने की है लेकिन गुमगी परियोजना में लापरवाही और वित्तीय अव्यवस्था के कारण जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि अधूरे कार्य को युद्धस्तर पर पूरा कर अविलंब जलापूर्ति शुरू की जाए। फिलहाल भीषण गर्मी में गुमगी और आसपास के गांवों की हजारों आबादी पानी की आस लगाए बैठी है जबकि करोड़ों की योजना कागजों और विभागीय प्रक्रियाओं में उलझकर रह गई है।