ताज़ा-ख़बर

सावन की अंतिम सोमवारी के बाद बुढ़वा महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, एजेसीएस ने श्रमदान से बदली परिसर की तस्वीर

रिपोर्ट: VBN News Desk10 घंटे पहलेझारखण्ड

दो ट्रैक्टर कचरा निकाला, कूड़ेदान और शौचालय की कमी पर आजाद जागृति छात्र संघ ने उठाए सवाल

सावन की अंतिम सोमवारी के बाद बुढ़वा महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, एजेसीएस ने श्रमदान से बदली परिसर की तस्वीर

रिपोर्ट : अजय कुमार

बड़कागांव : प्रखंड के प्रसिद्ध महुदी पहाड़ स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर में सावन माह के दौरान आयोजित श्रावणी मेले और अंतिम सोमवारी पूजा के बाद आजाद जागृति छात्र संघ (एजेसीएस) ने स्वच्छता अभियान चलाकर सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया। 25 अगस्त को संघ के सदस्यों ने निजी खर्चे और श्रमदान से मंदिर परिसर की व्यापक साफ-सफाई की। श्रावण माह के अंतिम सोमवारी पर बुढ़वा महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इसके बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पूजा सामग्री, प्लास्टिक, दोना-पत्तल, गिलास, आइसक्रीम के रैपर समेत बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया था। कूड़ेदान की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कचरा जगह-जगह फैला हुआ था। कई स्थानों पर गीले कचरे से बदबू और कीड़े निकलने से सफाई अभियान चलाने में भी काफी परेशानी हुई। एजेसीएस के सदस्यों ने श्रमदान करते हुए पूरे मंदिर परिसर की सफाई की और लगभग दो ट्रैक्टर सूखा एवं गीला कचरा निकालकर उचित स्थान पर फेंका। संघ के सदस्यों ने कहा कि महुदी पहाड़ और बुढ़वा महादेव मंदिर क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है। ऐसे में इसकी स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन या मेला प्रबंधन की ही नहीं बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों की भी है। संघ ने बताया कि मंदिर परिसर में पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान और शौचालय निर्माण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। इस संबंध में एजेसीएस की ओर से स्थानीय सांसद और विधायक को पूर्व में लिखित आवेदन भी दिया गया था लेकिन अब तक आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हो सकी है। सफाई अभियान में एजेसीएस के सचिव विनोद प्रसाद, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार, उपाध्यक्ष श्रवण सोनी, उपसचिव शिबू सोनी, सदस्य भुगेश्वर प्रसाद दांगी, संजय राणा, दीनानाथ प्रसाद, गंगाधर प्रसाद, अनुज कुमार, कुंज बिहारी कुमार, उदेश्वर प्रसाद, अभिषेक कुमार, दीपक कुमार, दिवाकर कुमार, नितिन राज, रिझेश्वर प्रसाद, संजीवन कुमार, प्रवेश कुमार और अनिलेश कुमार ने विशेष योगदान दिया।

इन्हें भी पढ़ें.