ताज़ा-ख़बर

चंद्रगुप्त कोल माइंस फायरिंग कांड का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में एक घायल

रिपोर्ट: VBN News Desk12 घंटे पहलेअपराध

पुलिस पर फायरिंग के प्रयास का दावा, जवाबी कार्रवाई में कथित शूटर विकास कुमार सिंह के पैर में लगी गोली

चंद्रगुप्त कोल माइंस फायरिंग कांड का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में एक घायल

रिपोर्ट : कामेश्वर गुप्ता

टंडवा (चतरा) : सुश्री चंद्रगुप्त कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड के उर्सू मोड़ स्थित सिक्योरिटी ऑफिस में 23 अगस्त को हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का चतरा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उद्भेदन करने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग करने के कथित प्रयास के बाद हुई जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार सिंह, पिता विजय सिंह, निवासी सचिवालय कॉलोनी, थाना डोरंडा, रांची तथा स्वराज ठाकुर, पिता वीरेंद्र ठाकुर, निवासी ग्राम असधि, थाना कटकमसांडी, जिला हजारीबाग, वर्तमान पता भवानीपुर, थाना डोरंडा, रांची के रूप में हुई है। पूरे मामले को लेकर चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नेथानी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय, टंडवा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कार्रवाई और अनुसंधान से संबंधित जानकारी साझा की।

सिक्योरिटी ऑफिस में घुसकर की गई थी ताबड़तोड़ फायरिंग

पुलिस के अनुसार 23 अगस्त को मोटरसाइकिल सवार अज्ञात अपराधियों ने उर्सू मोड़ स्थित चंद्रगुप्त कोल माइंस के सिक्योरिटी ऑफिस में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस घटना में एक सिक्योरिटी गार्ड गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे दहशत फैलाने और कथित रूप से रंगदारी की मांग करने की मंशा सामने आने की बात कही गई है। घटना के बाद टंडवा थाना कांड संख्या 193/26 दर्ज कर बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत अनुसंधान शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, टंडवा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

तकनीकी साक्ष्य और सूचना तंत्र से आरोपियों तक पहुंची एसआईटी

पुलिस के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर एसआईटी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 अगस्त को रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के स्टेडियम के समीप से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पुलिस को घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग और साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अन्य सहयोगियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आने का दावा किया गया है कि घटना के बाद राहुल दुबे के माध्यम से भेजी गई कथित रंगदारी की रकम स्वराज ठाकुर के बैंक खाते में मंगाई गई थी। पुलिस इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है।

हथियार बरामदगी के दौरान मुठभेड़, विकास के पैर में लगी गोली

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान विकास कुमार सिंह ने घटना में प्रयुक्त हथियार को 23 अगस्त की घटना के बाद भागने के क्रम में रास्ते में छिपाने की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर एसआईटी हथियार बरामद करने पहुंची। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आरोपी विकास कुमार सिंह ने छिपाए गए हथियार को निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग करने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विकास कुमार सिंह के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तत्काल इलाज के लिए एनटीपीसी अस्पताल, टंडवा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किए जाने की जानकारी दी गई।

खोखे, मोबाइल और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 7.65 एमएम का एक खाली खोखा, 7.62 एमएम के 19 खाली खोखे, तीन स्मार्टफोन और 32,800 रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने विकास कुमार सिंह को कथित रूप से इस घटना का शूटर चिन्हित किया है। वहीं, घटना में सहयोग करने वाले तीन अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस रंगदारी की कथित मांग, फायरिंग की साजिश और इससे जुड़े संभावित आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।

एसआईटी टीम ने की कार्रवाई

छापेमारी एवं अनुसंधान अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टंडवा प्रभात रंजन बरवार, पुअनि सह थाना प्रभारी टंडवा पप्पू कुमार शर्मा, पुअनि सह थाना प्रभारी पिपरवार प्रशांत कुमार मिश्रा, पुअनि प्रभात कुमार, अमित कुमार, संदीप कुमार, तकनीकी शाखा की टीम तथा टंडवा थाना रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल शामिल रहे। पुलिस के अनुसार फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए जांच और छापेमारी अभियान लगातार जारी है। मामले में आगे की जांच के साथ कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

इन्हें भी पढ़ें.