गिरिडीह - डुमरी NH-114A पर सड़क के नीचे बना मौत का गोफ
CCL ने अवैध खनन को ठहराया जिम्मेदार, NHAI पर फेंकी रखरखाव की गेंद

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में पड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग NH-114A गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग पर योगीटांड़ गिरिडीह स्टेडियम के समीप सड़क धंसने और उसके नीचे बने विशाल भूमिगत गोफ के मामले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड का आधिकारिक पक्ष सामने आ गया है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल द्वारा कोयला मंत्रालय के सचिव से की गई शिकायत पर सीसीएल गिरिडीह प्रबंधन ने जवाब दाखिल किया है। CCL ने अपने जवाब में सड़क धंसने की मुख्य वजह क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन और कोयले के अवैध कारोबार को बताया है।
CCL ने कहा है कि यद्यपि प्रभावित सड़क का हिस्सा उसके लीज-होल्ड एरिया में आता है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग NH-114A का निर्माण और स्वामित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का है। इसलिए सड़क की मरम्मत, देखरेख और सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी NHAI की ही बनती है।
अपने वैध खनन कार्यों का बचाव करते हुए CCL ने स्पष्ट किया कि उसके वैज्ञानिक तरीके से किए जा रहे खनन परिचालन से इस तरह की भू-धसान की घटना नहीं होती है। CCL के अनुसार, अनियंत्रित अवैध माइनिंग के कारण जमीन के नीचे खोखला हो जाना ही इस गोफ का कारण है। CCL ने सुझाव दिया कि यदि राज्य प्रशासन और जिला प्रशासन अवैध खनन पर पूरी तरह नकेल कस दे, तो ऐसी घटनाओं पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सकती है। CCL के इस जवाब पर शिकायतकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषारोपण से काम नहीं चलेगा, क्योंकि यह सीधे हजारों यात्रियों की जान से जुड़ा मामला है।
खंडेलवाल ने मांग की है कि CCL, NHAI और जिला प्रशासन तीनों मिलकर तत्काल कार्रवाई करें। तीनों विभागों के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम योगीटांड़ स्थल का निरीक्षण करे। सड़क के नीचे बने गोफ की गहराई, फैलाव और खतरे का वैज्ञानिक आकलन किया जाए। किसी बड़े हादसे से पहले बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे आपात उपाय किए जाएं और सड़क की स्थायी मरम्मत की जाए। उन्होंने कहा कि NH-114A गिरिडीह की लाइफ लाइन है। रोजाना सैकड़ों भारी वाहन और यात्री बसें इस मार्ग से गुजरती हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।