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सावन संग्रांद पर साकची गुरुद्वारा में सजेगा भव्य विशेष कीर्तन दरबार, 16 जुलाई को उमड़ेगी संगत

रिपोर्ट: VBN News Desk12 घंटे पहलेझारखण्ड

गुरुबाणी, अरदास और गुरु के लंगर का मिलेगा लाभ, प्रधान निशान सिंह ने श्रद्धालुओं से की अधिकाधिक पहुंचने की अपील

सावन संग्रांद पर साकची गुरुद्वारा में सजेगा भव्य विशेष कीर्तन दरबार, 16 जुलाई को उमड़ेगी संगत

जमशेदपुर : पवित्र सावन माह की संग्रांद के अवसर पर आगामी 16 जुलाई को गुरुद्वारा साहिब, साकची में भव्य एवं विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु चरणों में शीश नवाकर गुरुबाणी का श्रवण करेंगे तथा गुरु की असीम कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सावन माह का स्वागत करेंगे। आयोजन को लेकर गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण रहेगा। कार्यक्रम की सफल एवं सुव्यवस्थित तैयारी को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, साकची की बैठक प्रधान सरदार निशान सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कीर्तन दरबार की सभी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक मर्यादा, सेवा व्यवस्था, लंगर और अन्य आवश्यक प्रबंधों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में ट्रस्टी सतनाम सिंह सिद्धू, रबिंदर सिंह, प्रवक्ता बलजीत संसोआ, सन्नी सिंह बरियार, अजायब सिंह, सुखविंदर सिंह निक्कू, श्याम सिंह, बलबीर सिंह, दलजीत सिंह, सतबीर सिंह गोल्डू, राजेंद्र सिंह, अमरपाल सिंह, बलदेव सिंह बब्बू, बीबी मंजीत कौर, बीबी राज कौर, बीबी गुरमीत कौर, बीबी पिंकी कौर सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने संकल्प व्यक्त किया कि संग्रांद का यह पावन आयोजन पूरी धार्मिक मर्यादा, श्रद्धा और सेवा भावना के साथ संपन्न कराया जाएगा। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार निशान सिंह ने संगत से अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालु अपने परिवार सहित बड़ी संख्या में गुरुघर पहुंचें, गुरु साहिब के पावन दर्शन करें, गुरुबाणी का श्रवण कर आध्यात्मिक शांति प्राप्त करें तथा गुरु के लंगर, कड़ा प्रसाद और सेवा का लाभ लेकर अपने जीवन को धन्य बनाएं। उन्होंने कहा कि संग्रांद का पर्व सिख परंपरा में विशेष महत्व रखता है और यह गुरु की शिक्षाओं पर चलने तथा मानव सेवा के भाव को मजबूत करने का अवसर भी है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बताया कि आयोजन के दौरान संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। श्रद्धालुओं से समय पर गुरुद्वारा पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने और अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखने की भी अपील की गई है। इस विशेष कीर्तन दरबार में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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