20 लाख का इनामी माओवादी जोनल कमांडर रवींद्र गंझू गिरफ्तार, सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता
रवींद्र गंझू लंबे समय से लातेहार, लोहरदगा और गुमला जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था। उसके खिलाफ हत्या, लेवी वसूली, पुलिस पर हमले सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

लातेहार : झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के जोनल कमांडर एवं राज्य के मोस्ट वांटेड उग्रवादियों में शामिल रवींद्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर झारखंड सरकार की ओर से 15 लाख रुपये तथा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस प्रकार उस पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने गुप्त सूचना के आधार पर लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव हेसला के समीप घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी को झारखंड में माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। रवींद्र गंझू का नाम वर्ष 2019 में हुए उस चर्चित नक्सली हमले से भी जुड़ा है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के झारखंड दौरे के दौरान सुरक्षाबलों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया गया था। इस हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले की योजना रवींद्र गंझू ने बनाई थी।
जांच में यह भी सामने आया था कि पुलिस बल की गतिविधियों की रेकी कराने और सूचना जुटाने के लिए स्थानीय लोगों को मात्र पांच-पांच हजार रुपये का लालच दिया गया था। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया गया था। एनआईए और पुलिस की जांच के अनुसार, इस हमले के पीछे व्यक्तिगत प्रतिशोध की भावना भी एक प्रमुख कारण थी। बताया जाता है कि घटना से कुछ दिन पहले पुलिस ने रवींद्र गंझू की पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके बाद उसने पुलिस बल को निशाना बनाने की साजिश रची।
रवींद्र गंझू लंबे समय से लातेहार, लोहरदगा और गुमला जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था। उसके खिलाफ हत्या, लेवी वसूली, पुलिस पर हमले सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सुरक्षा एजेंसियां कई वर्षों से उसकी तलाश कर रही थीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी से क्षेत्र में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। उससे पूछताछ के दौरान संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों, हथियारों के ठिकानों, वित्तीय नेटवर्क तथा भविष्य की योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस और एनआईए की टीम उससे गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है। मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी जल्द प्रेस वार्ता के माध्यम से साझा किए जाने की संभावना है।