ताज़ा-ख़बर

सरकारी बोर्ड लगाकर निजी वाहन से आवागमन का आरोप, गम्हरिया अंचल के बड़ा बाबू तरुण ठाकुर पर उठे सवाल

रिपोर्ट: MANISH 12 घंटे पहलेझारखण्ड

निजी वाहन पर झारखंड सरकार का बोर्ड लगाना नियमों के विरुद्ध, तरुण ठाकुर पर कार्रवाई की उठी मांग

सरकारी बोर्ड लगाकर निजी वाहन से आवागमन का आरोप, गम्हरिया अंचल के बड़ा बाबू तरुण ठाकुर पर उठे सवाल

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल कार्यालय में पदस्थापित चर्चित बड़ा बाबू तरुण ठाकुर पर अपने निजी वाहन में झारखंड सरकार का बोर्ड लगाकर प्रतिदिन आवागमन करने का आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि वे अपने निजी वाहन (संख्या- JH05DK-2445) पर झारखंड सरकार का बोर्ड लगाकर आदित्यपुर टोल प्लाजा होते हुए जमशेदपुर स्थित अपने आवास तक नियमित रूप से आना-जाना करते हैं। इस मामले को लेकर सरकारी नियमों के उल्लंघन की चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार सरकारी पहचान दर्शाने वाले बोर्ड या प्रतीक का उपयोग केवल अधिकृत सरकारी वाहनों पर ही किया जा सकता है। निजी वाहन पर सरकारी बोर्ड लगाकर चलना आम लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करता है और इसे सरकारी पहचान के दुरुपयोग के रूप में भी देखा जाता है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार किसी भी निजी वाहन पर ऐसा चिन्ह, बोर्ड या पहचान प्रदर्शित नहीं की जा सकती जिससे वह सरकारी वाहन प्रतीत हो। यदि कोई व्यक्ति बिना वैधानिक अनुमति के निजी वाहन पर सरकारी बोर्ड अथवा प्रतीक का उपयोग करता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के आचरण नियम भी पद एवं सरकारी पहचान के अनुचित उपयोग की अनुमति नहीं देते। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो संबंधित मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि निजी वाहन पर सरकारी बोर्ड किस आधार पर लगाया गया है। लोगों का यह भी कहना है कि सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है इसलिए इस मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा तथ्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि इस संबंध में तरुण ठाकुर अथवा संबंधित विभाग का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

इन्हें भी पढ़ें.