मानव-हाथी संघर्ष कम करने की दिशा में बड़ा कदम, बेतला में बनेगा रिसर्च सेंटर
घायल और बीमार हाथियों के इलाज के लिए तैयार हो रहा वुडन कराल, वन विभाग की पहल तेज

बरवाडीह, लातेहार : पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने की दिशा में वन विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। बेतला राष्ट्रीय उद्यान में घायल एवं बीमार हाथियों के उपचार के लिए विशेष वुडन कराल का निर्माण कराया जा रहा है जबकि दूसरी ओर मानव और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव पर शोध के लिए ह्यूमन-एलिफेंट कॉन्फ्लिक्ट रिसर्च सेंटर भी विकसित किया जा रहा है। वनपाल नंदलाल साहू ने बताया कि नया पलामू किला परिसर स्थित हाथी शेड के समीप वुडन कराल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद यहां घायल, बीमार अथवा आक्रामक हाथियों को सुरक्षित तरीके से रखकर उनका इलाज किया जा सकेगा। इससे वन विभाग को हाथियों के उपचार और प्रबंधन में काफी सहूलियत मिलेगी। इधर पीटीआर नॉर्थ के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जेना ने जानकारी दी कि पलामू किला परिसर के करीब 20 एकड़ क्षेत्र में ह्यूमन-एलिफेंट कॉन्फ्लिक्ट रिसर्च सेंटर का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष के कारणों का अध्ययन कर उसका स्थायी समाधान तलाशना होगा। उन्होंने बताया कि जंगलों के सिमटने और आबादी बढ़ने के कारण हाथियों का गांवों की ओर रुख बढ़ा है जिससे फसल नुकसान, जान-माल की हानि और ग्रामीणों में भय का माहौल बनता है। रिसर्च सेंटर में इस समस्या को कम करने के लिए वैज्ञानिक और व्यवहारिक उपायों पर शोध किया जाएगा। वन विभाग की इस पहल को वन्यजीव संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।