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करोडों का धान घोटाले के विरोध में सड़कों पर उतरी चूहों की बारात, कांग्रेस ने प्रतीकात्मक प्रदर्शन से सरकार को घेरा

रिपोर्ट: VBN News Desk2 घंटे पहलेदेश

करोड़ों का धान गायब, दुर्ग में निकली चूहों की बारात, कांग्रेस बोली: असली जिम्मेदार भाजपा सरकार के मंत्री

करोडों का धान घोटाले के विरोध में सड़कों पर उतरी चूहों की बारात, कांग्रेस ने प्रतीकात्मक प्रदर्शन से सरकार को घेरा

दुर्ग : छत्तीसगढ़ में सरकारी धान भंडारण केंद्रों से करोड़ों रुपये मूल्य के धान के गायब होने के मामले को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को दुर्ग शहर में अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, नारों और झांकियों के साथ चूहों की बारात निकालकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। यह प्रदर्शन राजीव भवन दुर्ग से शुरू होकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा जहां कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे धान घोटाले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक अरुण वोरा, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र साहू सहित जिलेभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान चूहों की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। कई कार्यकर्ता चूहों के वेश में सजकर नाचते और नारे लगाते नजर आए जिससे पूरे शहर में राजनीतिक संदेश गूंज उठा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से चार जीवित चूहे प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे। इन चूहों पर छत्तीसगढ़ सरकार के 14 मंत्रियों के नाम लिखे गए थे। कांग्रेस का कहना था कि सरकार द्वारा धान गायब होने का ठीकरा चूहों पर फोड़ना सरासर गलत है। पार्टी का आरोप है कि धान चूहों ने नहीं बल्कि भाजपा सरकार के 14 मंत्रियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने निगला है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि धान किसानों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई है। इसे चूहों के हवाले करना सरकार की विफलता छिपाने का प्रयास है। यदि सरकार मानती है कि चूहे ही जिम्मेदार हैं तो अब इन्हीं से जवाब लिया जाए। पूर्व विधायक अरुण वोरा ने सवाल उठाया कि यदि चूहे इतने शक्तिशाली हैं कि करोड़ों का अनाज खा गए, तो फिर भंडारण व्यवस्था, निगरानी तंत्र और जिम्मेदार अधिकारी किस लिए हैं। प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र साहू ने इसे किसानों के आत्मसम्मान पर हमला बताया और कहा कि धान घोटाला केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि किसान विरोधी नीति का प्रमाण है। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, शत-प्रतिशत धान खरीदी, टोकन लिमिट बढ़ाने और खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग की गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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