बालूमाथ में कोयला खनन को लेकर उबाल, ग्रामीणों ने दो घंटे तक कंपनी कर्मियों को बनाया बंधक
ग्राम सभा की अनदेखी पड़ी भारी, भैंसादोन गांव में कंपनी के अधिकारी बने ग्रामीणों के बंधक

लातेहार : जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत भैंसादोन गांव में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब एलएलसी कंपनी के पदाधिकारी और कर्मी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने इसे अपने अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को लगभग दो घंटे तक बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आई और कंपनी के लोग सकुशल गांव से बाहर निकल सके। ग्रामीणों का आरोप है कि भारत सरकार की एक कंपनी को क्षेत्र में कोयला खनन की अनुमति मिली है लेकिन इसके बावजूद स्थानीय ग्रामीण अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कंपनी द्वारा सहयोगी एजेंसियों के माध्यम से बिना ग्राम सभा की सहमति सर्वे कार्य शुरू करना ग्रामीणों को स्वीकार नहीं है। इसी क्रम में कंपनी के कुछ कर्मी कंबल वितरण के नाम पर गांव पहुंचे थे जिसे ग्रामीणों ने लालच देकर जमीन हड़पने का प्रयास बताया। जैसे ही ग्रामीणों को कंपनी के आने की जानकारी मिली, वे उग्र हो गए और अधिकारियों को चारों ओर से घेर लिया। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना न तो सर्वे कार्य किया जा सकता है और न ही किसी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में यदि बिना अनुमति कोई भी कंपनी प्रतिनिधि गांव में आया तो कड़ा विरोध किया जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस पिकेट प्रभारी रामजी ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की। हालांकि शुरुआत में ग्रामीण पुलिस की बात सुनने को तैयार नहीं थे। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद ग्रामीण इस शर्त पर अधिकारियों को छोड़ने के लिए तैयार हुए कि कंपनी के लोग ग्रामीणों के सामने यह वादा करें कि वे बिना ग्राम सभा की अनुमति दोबारा गांव में प्रवेश नहीं करेंगे। घटना के बाद क्षेत्र में कोयला खनन को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है जिससे प्रशासन और कंपनियों के सामने संवाद और सहमति की चुनौती और गहरी हो गई है।