फर्जी आईएएस बनकर थाना पहुंचा युवक, जमीन विवाद में पैरवी करते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार
2014 बैच का अधिकारी बताकर करता रहा गुमराह, 6-7 वर्षों से झूठी पहचान में घूमने का खुलासा

पलामू : जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो खुद को 2014 बैच का ओडिशा कैडर का भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बताकर जमीन विवाद की पैरवी करने थाना पहुंचा था। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन संदेह के आधार पर की गई जांच में उसकी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपना नाम राजेश कुमार, पता कुकही, थाना हैदरनगर बताया और दावा किया कि वह वर्तमान में भुवनेश्वर के खरवेला नगर में भारत सरकार के सीएओ (मुख्य लेखा अधिकारी) पद पर कार्यरत है। थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी द्वारा पदस्थापना और सेवा से संबंधित पूछताछ करने पर आरोपी ने देहरादून, हैदराबाद और भुवनेश्वर में एक साथ पोस्टिंग की बात कही जिससे पुलिस को शक हुआ। संदेह गहराने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) एस. मोहम्मद याकूब को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है। इसके बाद उसे दोबारा थाना बुलाकर पूछताछ की गई। नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और विभागीय दस्तावेज मांगने पर वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका और अंततः उसने स्वीकार किया कि वह फर्जी अधिकारी है। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से भारत सरकार के नाम से बना फर्जी आईपीटीएएफएस पहचान पत्र, मोबाइल फोन, चाणक्य आईएएस अकादमी का आईडी कार्ड, लाइब्रेरी कार्ड तथा हुंडई एरा कार पर लगी भारत सरकार/सीएओ दूरसंचार विभाग लिखी फर्जी नीली नेम प्लेट बरामद की गई, जिसे जब्त कर सील कर दिया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) (छल), 336(3) (कूटरचित दस्तावेज का उपयोग) और 204 (सरकारी कर्मचारी का रूप धारण करना) सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उसके पिछले गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।