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निजी मुचलका में विवादित शर्त से आदित्यपुर थाना बना रणक्षेत्र, भाजपा-विहिप के विरोध के बाद पुलिस को बदलना पड़ा प्रारूप

रिपोर्ट: MANISH 6 घंटे पहलेझारखण्ड

पत्रकारों को कवरेज से रोकने पर उठे सवाल, एसडीपीओ व थाना प्रभारी के रवैये से मीडिया में आक्रोश

निजी मुचलका में विवादित शर्त से आदित्यपुर थाना बना रणक्षेत्र, भाजपा-विहिप के विरोध के बाद पुलिस को बदलना पड़ा प्रारूप

आदित्यपुर : हिमांशु हत्याकांड के विरोध में हिरासत में लिए गए लोगों से निजी मुचलका भरवाने के दौरान जोड़ी गई एक विवादित शर्त को लेकर शुक्रवार को आदित्यपुर थाना परिसर में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मुचलके में यह शर्त शामिल की थी कि संबंधित व्यक्ति भविष्य में हत्याकांड से जुड़े किसी भी जुलूस या प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। इस शर्त का कड़ा विरोध होने पर पुलिस को अंततः मुचलके का प्रारूप बदलना पड़ा। आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने आरोप लगाया कि पुलिस बेवजह लोगों को फंसा रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्दोष के लिए आवाज उठाना भी अपराध माना जाएगा तो यह नागरिक अधिकारों पर सीधा हमला है। विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस की कार्रवाई को मनमाना बताते हुए निष्पक्ष व्यवहार की मांग की। विवाद उस समय और गहरा गया जब थाना परिसर में घटनाक्रम की कवरेज कर रहे पत्रकारों को सरायकेला एसडीपीओ और आदित्यपुर थाना प्रभारी ने रोक दिया। अधिकारियों का कहना था कि हिरासत में लिए गए लोगों की कवरेज की अनुमति नहीं है। हालांकि पत्रकारों ने सवाल उठाया कि सुबह जब लगभग 55 लोगों को हिरासत में लिया गया था तब विभिन्न मीडिया संस्थानों को कवरेज से नहीं रोका गया। लेकिन जैसे ही पुलिस प्रशासन के विरोध और मुचलके को लेकर उठे विवाद की तस्वीरें सामने आने लगीं कवरेज पर रोक लगा दी गई। इस कार्रवाई से पत्रकारों में गहरा आक्रोश देखा गया। मीडिया कर्मियों का कहना है कि यदि किसी कानूनी प्रावधान के तहत कवरेज रोकी गई है तो उसका स्पष्ट आधार बताया जाना चाहिए। उन्होंने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम बताते हुए प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। उधर भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की शर्तों के माध्यम से लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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