बरवाडीह में खाद-बीज दुकानों पर प्रशासन की सख्ती, उचित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश
स्टॉक, लाइसेंस और पीओएस मशीन की हुई जांच, अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

बरवाडीह, लातेहार : किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीज निर्धारित सरकारी दर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को बरवाडीह प्रखंड में खाद-बीज दुकानों की सघन जांच अभियान चलाया गया। जिला कृषि पदाधिकारी, लातेहार के निर्देश पर बरवाडीह के अंचलाधिकारी लवकेश सिंह एवं प्रभारी कृषि पदाधिकारी रामनाथ यादव ने बरवाडीह, कुटमू, सरईडीह समेत विभिन्न क्षेत्रों में संचालित खाद-बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध खाद एवं बीज के स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर, स्टॉक बोर्ड, बिक्री पंजी, लाइसेंस नवीनीकरण, पीओएस (POS) मशीन, बिक्री रसीद, गोदाम की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की गहन जांच की। साथ ही किसानों के नाम, पता एवं आधार संख्या सहित बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। जांच के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी उर्वरक एवं बीज निर्धारित सरकारी दर पर ही बेचे जाएं। प्रत्येक बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से दर्ज की जाए तथा किसानों को अनिवार्य रूप से बिक्री रसीद उपलब्ध कराई जाए। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि स्टॉक का सही संधारण किया जाए और दुकान में उपलब्ध सभी सामग्री का अद्यतन विवरण अभिलेखों में दर्ज रहे। निरीक्षण टीम ने दुकानदारों से कहा कि स्थानीय किसानों को नियमानुसार खाद एवं बीज उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। सभी विक्रेता समय पर दुकान खोलें, लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण कराएं, स्टॉक बोर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखें तथा गोदाम में रखे गए माल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। इस अवसर पर अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीज उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी दुकान में अधिक कीमत वसूली, स्टॉक में गड़बड़ी, बिना रसीद बिक्री या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी खाद-बीज विक्रेताओं से पारदर्शिता के साथ कार्य करने तथा शासन के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।