मंईयां सम्मान योजना सत्यापन में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, मुखिया और पंचायत सचिव को 24 घंटे का नोटिस
पहले लाभुकों को किया अयोग्य, फिर शुरू कराई योजना, बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी

बरवाडीह, लातेहार : मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के भौतिक सत्यापन में कथित अनियमितता सामने आने के बाद बरवाडीह प्रखंड प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रेशमा रेखा मिंज ने छेछा पंचायत की मुखिया आशा देवी एवं पंचायत सचिव विजय शंकर राम को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। बीडीओ द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि पंचायत स्तर पर किए गए भौतिक सत्यापन के आधार पर कुछ लाभुकों को योजना के लिए अयोग्य घोषित कर उनका नाम पोर्टल से हटा दिया गया था। आश्चर्यजनक रूप से बाद में उन्हीं लाभुकों के आवेदन पर योजना का लाभ दोबारा शुरू कराने की अनुशंसा की गई। इस विरोधाभासी कार्रवाई ने सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की कार्यशैली सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं कर्तव्यहीनता को दर्शाती है। बीडीओ ने दोनों अधिकारियों से पूछा है कि किन तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर पहले लाभुकों को अपात्र घोषित किया गया और बाद में उन्हें पुनः योजना का लाभ देने की अनुशंसा क्यों की गई। विशेष रूप से लाभुक शबाना खातून एवं साहिन नरगिस के मामलों का उल्लेख करते हुए दोनों प्रकरणों में तथ्यात्मक एवं विस्तृत जवाब मांगा गया है। बीडीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा उच्चाधिकारियों से की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा वास्तविक पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।