ताज़ा-ख़बर

40 साल बाद नवगई डैम से जगी सिंचाई की उम्मीद, राइट कैनल से खेतों तक पहुंचेगा पानी

रिपोर्ट: शनिरंजन 7 घंटे पहलेझारखण्ड

विधायक भूषण तिर्की की पहल पर हरकत में आया विभाग, 2 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ

40 साल बाद नवगई डैम से जगी सिंचाई की उम्मीद, राइट कैनल से खेतों तक पहुंचेगा पानी

चैनपुर : गुमला जिले के चैनपुर और डुमरी प्रखंड के किसानों के लिए मंगलवार का दिन उम्मीदों की नई किरण लेकर आया। करीब 40 वर्ष पूर्व निर्मित अपर शंख जलाशय (नवगई डैम) से अब किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। लंबे समय से उपेक्षित पड़ी राइट कैनल के जीर्णोद्धार और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने नवगई डैम पहुंचकर निरीक्षण किया। इस निरीक्षण को क्षेत्र के किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि गुमला विधायक भूषण तिर्की ने विधानसभा के मानसून सत्र के शून्यकाल में इस मुद्दे को मजबूती से उठाया था जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले पर त्वरित संज्ञान लिया। मंगलवार को जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर पी.डी. राम, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कंचन ज्योति किंडो समेत विभागीय अधिकारियों की टीम विधायक के साथ नवगई डैम पहुंची और राइट कैनल की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से विधायक और विभागीय अधिकारियों का स्वागत किया। गाजे-बाजे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच पूरी टीम को गांव से डैम स्थल तक ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि दशकों से वे इस दिन का इंतजार कर रहे थे। किसानों को अब उम्मीद है कि जल्द ही उनके खेतों तक पानी पहुंचेगा और खेती-किसानी में नई जान आएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि इस डैम के निर्माण को 40 साल से अधिक हो चुके हैं लेकिन आज तक किसानों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों ने अपनी जमीन इस उम्मीद में दी थी कि सिंचाई सुविधा मिलने से खेती बेहतर होगी और ग्रामीण आत्मनिर्भर बनेंगे लेकिन राइट कैनल की जर्जर स्थिति के कारण पानी खेतों तक नहीं पहुंच सका। विधायक ने कहा कि सिंचाई सुविधा नहीं होने के कारण यहां के किसान रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब खेतों तक पानी पहुंचेगा तो किसान साल में एक नहीं बल्कि कई फसलें उगा सकेंगे। इससे उनकी आय बढ़ेगी और पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होंने राज्य सरकार और जल संसाधन विभाग का आभार जताते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने 12.93 किलोमीटर लंबी राइट कैनल की स्थिति का गहन अध्ययन किया। जगह-जगह गाद जमने और नहर के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कंचन ज्योति किंडो ने कहा कि विभाग द्वारा पूरी स्थिति का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही प्राक्कलन तैयार कर कैनल की सफाई एवं मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। जानकारों के अनुसार इस परियोजना के शुरू होने से चैनपुर और डुमरी प्रखंड के दो हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में अधिकांश किसान केवल बरसात के मौसम में धान की खेती कर पाते हैं लेकिन सिंचाई सुविधा बहाल होने के बाद रबी और अन्य फसलों की खेती भी संभव हो सकेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि दशकों से अधूरी पड़ी सिंचाई व्यवस्था अब जल्द धरातल पर दिखाई देगी और नवगई डैम वास्तव में किसानों के जीवन में बदलाव का माध्यम बनेगा।

इन्हें भी पढ़ें.