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देश के सभी बांधों को मिलेगी मेंटेनेंस रैंकिंग, स्थायी नीति बनाने का केंद्र का निर्देश

रिपोर्ट: VBN News Desk29 दिन पहलेदेश

डैम सुरक्षा और सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर जोर, 2026 तक लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य

देश के सभी बांधों को मिलेगी मेंटेनेंस रैंकिंग, स्थायी नीति बनाने का केंद्र का निर्देश

नई दिल्ली : देशभर के सभी बांधों (डैम) के रखरखाव और सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय शीघ्र ही देश के सभी डैमों को उनके रखरखाव के आधार पर रैंकिंग देने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए राज्यों को स्थायी मेंटेनेंस पॉलिसी तैयार करने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश केंद्रीय जल शक्ति सचिव बी.एल. कांताराव ने मध्य प्रदेश के सागर जिले में मड़िया डैम के निरीक्षण के दौरान दिए। कांताराव ने कहा कि देश में बने हजारों बड़े, मध्यम और छोटे बांध सिंचाई, पेयजल, बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण की रीढ़ हैं। ऐसे में इनका समयबद्ध और वैज्ञानिक रखरखाव बेहद जरूरी है। प्रस्तावित रैंकिंग प्रणाली से यह स्पष्ट होगा कि कौन-से डैम सुरक्षित हैं और किनमें सुधार की आवश्यकता है। इससे राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी सिंचाई और जल परियोजनाएं राष्ट्रीय महत्व की हैं और इनसे जुड़े कार्य तय समयसीमा में पूरे होने चाहिए। केंद्र चाहता है कि अक्टूबर 2026 तक देशभर में डैम परियोजनाओं के माध्यम से सिंचित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हो। मध्य प्रदेश के मड़िया, चकरपुर और देहरा जैसे बहुउद्देशीय बांधों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से सिंचाई के साथ-साथ बिजली उत्पादन और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। मड़िया और चकरपुर डैम से चार विकासखंडों के सैकड़ों गांवों को लाभ मिलेगा और लगभग 96 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। केंद्रीय सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले के कलेक्टर नियमित रूप से डैम परियोजनाओं की समीक्षा करें। साथ ही पावर हाउस, पंप हाउस और माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम जैसे कार्य समानांतर रूप से पूरे किए जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति देश के सभी बांधों पर सख्ती से लागू हुई तो डैम सुरक्षा, सिंचाई क्षमता और जल संसाधन प्रबंधन में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा।

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