चौका में NH-33 और चौका-कांड्रा मुख्य सड़क किनारे कथित अवैध टालों का आरोप, ट्रकों से माल कटिंग की सूचना पर प्रशासन से जांच की मांग
कोयला, आयरन ओर और सरिया की कथित कटिंग का मामला, चौका-कांड्रा मार्ग पर छापेमारी से खुलेगा राज

सरायकेला-खरसावां : चौका थाना क्षेत्र में NH-33 और चौका-कांड्रा मुख्य सड़क के किनारे संचालित कुछ टालों को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। आरोप है कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से आने-जाने वाले ट्रकों से कोयला, आयरन ओर, सरिया, स्पंज आयरन समेत अन्य औद्योगिक सामग्री की कथित अवैध कटिंग की जा रही है। मामले में जिला प्रशासन और पुलिस से तत्काल संयुक्त जांच एवं स्थल सत्यापन की मांग की गई है। सूचना के अनुसार इन टालों में औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को रोककर सामग्री उतारने-काटने और उसके बाद उसे अलग-अलग माध्यमों से खपाने का कथित काम किया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित टालों के पास वैध लाइसेंस, भंडारण की अनुमति, माल के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात मौजूद हैं या नहीं। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ टालों का संचालन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के संरक्षण में हो रहा है। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यदि जांच करती है तो टाल संचालकों, वाहन मालिकों, चालकों और संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों का सत्यापन कर पूरे नेटवर्क की वास्तविकता सामने ला सकती है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने हाल में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर रोक के लिए पुलिस, खनन, परिवहन और अंचल प्रशासन के समन्वय से नियमित जांच और संयुक्त छापेमारी के निर्देश दिए हैं। 26 सितंबर की जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स बैठक में भी अवैध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और संदिग्ध वाहनों की जांच पर जोर दिया गया है। ऐसे में चौका-कांड्रा मार्ग और NH-33 किनारे बताए जा रहे टालों की अचानक जांच, CCTV एवं दस्तावेजों का सत्यापन तथा वहां पहुंचने वाले औद्योगिक मालवाहक वाहनों की जांच से आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है। प्रशासन की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं वैध औद्योगिक माल की आड़ में अवैध भंडारण या कटिंग तो नहीं की जा रही।