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छिपादोहर पेट्रोल पंप पर कालाबाजारी के आरोप, जार-गैलन में तेल बिक्री से बढ़ा विवाद

रिपोर्ट: अकरम 4 घंटे पहलेझारखण्ड

अनियंत्रित ईंधन बिक्री से सुरक्षा पर खतरा, आगजनी और आत्महत्या जैसे मामलों से जुड़ी गंभीर चिंता

छिपादोहर पेट्रोल पंप पर कालाबाजारी के आरोप, जार-गैलन में तेल बिक्री से बढ़ा विवाद

बरवाडीह, लातेहार : बरवाडीह प्रखंड के छिपादोहर स्थित पेट्रोल पंप पर अव्यवस्था और कथित कालाबाजारी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है जबकि गैलन और जार में तेल लेने वालों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस स्थिति से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। स्थानीय भाजपा नेता मुन्ना गुप्ता ने आरोप लगाया कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को यह कहकर लौटा दिया जाता है कि तेल उपलब्ध नहीं है जबकि दूसरी ओर खुलेआम गैलन और जार में पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह न केवल उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है बल्कि इससे कालाबाजारी को भी बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में पेट्रोल 140 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है। इस मामले ने सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जार या गैलन में पेट्रोल-डीजल ले जाना अत्यंत खतरनाक हो सकता है। कई मामलों में ऐसे ईंधन का इस्तेमाल आगजनी, हत्या या आत्महत्या जैसे गंभीर अपराधों में किया गया है। खुले में ईंधन ले जाने से दुर्घटना और विस्फोट का खतरा भी बढ़ जाता है। कानूनी रूप से भी बिना उचित अनुमति के ज्वलनशील पदार्थों को खुले कंटेनर में बेचना और परिवहन करना नियमों का उल्लंघन है। पेट्रोलियम अधिनियम और सुरक्षा मानकों के तहत पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश होते हैं कि वे केवल मानक और सुरक्षित कंटेनरों में ही सीमित मात्रा में ईंधन दें। नियमों के अनुसार संदिग्ध परिस्थितियों में ईंधन बिक्री पर रोक लगाना भी पंप संचालक की जिम्मेदारी होती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल यह मामला न केवल उपभोक्ता अधिकारों का है बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है जिस पर प्रशासन की सख्त नजर और त्वरित कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है।

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