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नाली निर्माण में अनियमितता का आरोप, दुकानदारों ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग

रिपोर्ट: अकरम 1 घंटे पहलेझारखण्ड

शिलापट्ट नहीं, सड़क किनारे छोड़ी गई मिट्टी से बढ़ी परेशानी, गुणवत्ता पर उठे सवाल

नाली निर्माण में अनियमितता का आरोप, दुकानदारों ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग

बरवाडीह, लातेहार : बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित मुख्य मार्ग पर जिला परिषद मद से कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय दुकानदारों और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ब्लॉक गेट से दिपलेश कुमार सिंह की दुकान तक बन रही नाली में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए दुकानदारों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय दुकानदार दिपलेश कुमार सिंह, अजय प्रसाद, कृष्णा प्रसाद कसेरा सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की ईंट और अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार निर्माण कार्य चलता रहा तो नाली अधिक दिनों तक टिकाऊ नहीं रह पाएगी और कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहेगी। दुकानदारों ने कहा कि सरकारी राशि से हो रहे कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। लोगों ने यह भी बताया कि नाली निर्माण के लिए निकाली गई मिट्टी को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया है जिससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने की स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस संबंध में संबंधित कनिय अभियंता को दूरभाष पर सूचना भी दी गई है लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने योजना स्थल पर सूचना पट्ट नहीं लगाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी सरकारी योजना में लागत, प्राक्कलन, संवेदक का नाम एवं कार्य अवधि की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना आवश्यक होता है लेकिन यहां न तो शिलापट्ट लगाया गया है और न ही कोई बोर्ड। इससे लोगों को योजना की वास्तविक लागत और कार्य से संबंधित अन्य जानकारी नहीं मिल पा रही है। निर्माण कार्य को लेकर लोगों ने सरकारी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं शहरी विकास योजनाओं में गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, निर्धारित मापदंड और तकनीकी स्वीकृति के अनुसार कार्य होना चाहिए। साथ ही कार्यस्थल पर सूचना पट्ट लगाना भी सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत जरूरी माना गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा गुणवत्तापूर्ण और मानक के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराया जाए ताकि भविष्य में जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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