पीएम आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप, जेएलकेएम जिला सचिव ने उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग
गरीबों का हक छीना, संपन्न लोगों को मिला लाभ, सिरसा पंचायत में आवास योजना पर अनियमितता के आरोप

रिपोर्ट : अजय कुमार
बड़कागांव, हजारीबाग : बड़कागांव प्रखंड की सिरसा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के चयन एवं क्रियान्वयन में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के जिला सचिव सरजु महतो ने इस मामले में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्रखंड कार्यालय में आवेदन देकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सरजु महतो ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों के चयन में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। उनका कहना है कि वास्तविक गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को योजना से वंचित रखा गया जबकि आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को लाभ दिलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दलालों, बिचौलियों एवं पंचायत सचिव की कथित मिलीभगत से लाभुक सूची में हेरफेर किया गया है। आवेदन में दावा किया गया है कि एक ही परिवार के दो से तीन सदस्यों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ स्वीकृत कराया गया है। इसके अलावा जिन लाभुकों का नाम पहले से अबुआ आवास योजना में शामिल है, उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में भी दर्ज कर दिया गया है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता का मामला माना जाएगा। सरजु महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य बेघर एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्रता का निर्धारण सामाजिक-आर्थिक एवं जातीय जनगणना (SECC) तथा निर्धारित सरकारी मानकों के आधार पर किया जाना चाहिए। अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाना तथा पात्र परिवारों को वंचित रखना योजना के उद्देश्यों के विपरीत है। उन्होंने प्रखंड प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लाभुक सूची का सत्यापन करने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच के बाद वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए ताकि गरीबों को उनका अधिकार मिल सके।