पश्चिमी सिंहभूम में डायन बताकर वृद्धा और सौतेली बेटी की हत्या का आरोप, 15 दिन बाद भी दोनों के शव लापता
चाईबासा के तोरलो डैम के पास दो महिलाओं की हत्या से सनसनी, सामूहिक दुष्कर्म और शव जलाने के आरोपों की जांच में जुटी पुलिस

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र में डायन होने के आरोप में एक वृद्धा और उनकी 24 वर्षीय सौतेली बेटी की हत्या कर शव जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना तोरलो डैम के पास की बताई जा रही है और करीब 15 दिन पुरानी होने की आशंका है। अब तक दोनों के शव बरामद नहीं हुए हैं। युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप भी सामने आया है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार 70 वर्षीय पुनी बिरुआ तोरलो डैम के पास अपने खेत की रखवाली कर रही थीं। इसी दौरान धान खाने को लेकर उनके पहले पति के बेटे त्रिभुवन बिरुआ के मुर्गा-मुर्गियों से जुड़ा विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद त्रिभुवन ने सहयोगियों के साथ मिलकर वृद्धा की हत्या की योजना बनाई। खेत से लौटते समय सुनसान झाड़ी के पास उनकी हत्या किए जाने की बात कही जा रही है। बताया जाता है कि पुनी बिरुआ की सौतेली बेटी नामसी बिरुआ ने मंझारी के बरकुडिया गांव में प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि उसे डायन बताकर प्रताड़ित किया गया उसके बाल मुंडवा दिए गए और बाद में पति ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ रहने लगी। पिता रसिका बिरुआ की मृत्यु के बाद उसकी प्रताड़ना और बढ़ने की बात सामने आई है। आरोप है कि पुनी बिरुआ की हत्या के बाद नामसी को मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर बुलाया गया और उसकी भी हत्या कर दी गई। युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने तथा दोनों शवों को जलाकर जंगल में अवशेष फेंकने की बात भी कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और शवों की बरामदगी अभी नहीं हुई है। इस मामले में आपसी विवाद के दौरान तीर और भुजाली से घायल बुली बिरुवा का जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। मंझारी थाना प्रभारी दिलीप साय मांझी ने बताया कि मामले की सूचना मिली है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर घटना का उद्भेदन करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।