आँसुओं और यादों के बीच चैनपुर विद्यालय में दो समर्पित शिक्षकों को भावभीनी विदाई
दस वर्षों की सेवा, बच्चों का स्नेह और साथियों की आंखें नम, सुजाता खाखा व शिवलखन लकड़ा को सम्मानपूर्ण विदाई

गुमला : चैनपुर प्रखंड स्थित राजकीयकृत बालक मध्य विद्यालय, चैनपुर का प्रांगण बुधवार को उस समय भावनाओं से भर उठा जब शिक्षक संघ चैनपुर की ओर से स्थानांतरित शिक्षिका सुजाता खाखा और शिक्षक शिवलखन लकड़ा के सम्मान में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। शॉल और बुके से सम्मानित होते ही माहौल भावुक हो गया और कई शिक्षकों की आंखें नम हो उठीं। विदाई समारोह में वक्ताओं ने बताया कि शिक्षिका सुजाता खाखा ने वर्ष 2016 से जनवरी 2026 तक राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बुकमा में अपनी सेवाएं दीं। दस वर्षों के इस कार्यकाल में उन्होंने केवल बच्चों को पढ़ाया ही नहीं बल्कि पूरे गांव के साथ आत्मीय रिश्ता भी कायम किया। बच्चों के भविष्य को लेकर उनकी चिंता, पढ़ाई के प्रति समर्पण और स्कूल में आयोजित शैक्षणिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आज भी ग्रामीणों के दिलों में जीवंत हैं। वहीं शिक्षक शिवलखन लकड़ा ने राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टिनटागर में 2016 से 2026 तक सेवा देते हुए शिक्षा की अलख जगाई। सम्मान पाकर वे भावुक हो गए और शिक्षक संघ का आभार जताते हुए कहा कि चैनपुर क्षेत्र से मिला स्नेह वे जीवन भर नहीं भूल पाएंगे। शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष शिवशंकर साहू ने कहा कि दोनों शिक्षकों का कार्यकाल अनुकरणीय रहा है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों में शिक्षा का दीप जलाने में इनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। शिक्षक मुकेश वर्मा ने कहा कि शिक्षक का स्थानांतरण केवल कार्यक्षेत्र बदलता है, सेवा और संस्कार नहीं। जगरानी कुजुर ने इसे उदासी भरा दिन बताते हुए कहा कि दोनों का मिलनसार स्वभाव और बच्चों के प्रति प्रेम हमेशा याद आएगा। समारोह में रामलाल उरांव, निल कुसुम, अजित लकड़ा, सूरजनाथ उरांव, पद्मिनी बाई सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। सभी ने दोनों शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।