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आसंगी चेक डैम में फिर हादसा.. नहाने के दौरान दो युवक डूबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

रिपोर्ट: MANISH 20 घंटे पहलेझारखण्ड

जिला प्रशासन-पुलिस के लिए बढ़ी चिंता.. इस साल अब तक पांच युवकों की जा चुकी है जान, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

आसंगी चेक डैम में फिर हादसा.. नहाने के दौरान दो युवक डूबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित आरआईटी थाना क्षेत्र के खरकई नदी के आसंगी चेक डैम में रविवार शाम नहाने के दौरान दो युवक गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था। लगातार हो रहे हादसों के बीच आसंगी चेक डैम एक बार फिर डेंजर जोन के रूप में सामने आया है। जानकारी के अनुसार घटना रविवार शाम करीब 3:30 बजे की है। लापता युवकों की पहचान धोबोडुंगरी (बंतानगर) निवासी 18 वर्षीय सोनू लोहार और मीरूडीह निवासी शुभम शर्मा के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों युवक एक ही बाइक से आसंगी चेक डैम पहुंचे थे। दोनों नदी में नहाने के लिए उतरे, इसी दौरान बढ़े हुए जलस्तर और तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी में चले गए। घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पराशर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया। देर शाम तक नदी में सघन तलाशी अभियान जारी रहा। अंधेरा होने और नदी के तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में भी चुनौतियां सामने आईं।

हर साल बढ़ रहा खतरा, इस वर्ष पांच मौतें

आसंगी चेक डैम पर लगातार हो रहे हादसे जिला प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष अब तक यहां डूबने से पांच युवकों की मौत हो चुकी है। इनमें आदित्यपुर-2 के पथ संख्या 11 और 21 के दो युवक, एस-टाइप और कल्पनापुरी के दो युवक तथा एनआईटी का एक छात्र शामिल बताया गया है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और लोगों के नदी में उतरने पर रोक भी है। इसके बावजूद युवाओं और अन्य लोगों का चेक डैम के गहरे पानी में उतरना लगातार जारी है। रविवार की घटना ने इन सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही मौतों को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को आसंगी चेक डैम को चिन्हित डेंजर जोन के रूप में लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की जरूरत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल चेतावनी बोर्ड लगाना पर्याप्त नहीं है। नदी में उतरने पर प्रभावी रोक, नियमित पुलिस निगरानी, बैरिकेडिंग और खतरनाक स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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