रामगढ़ इस्पात प्लांट हादसे में एक और मजदूर ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या हुई तीन
मुआवजे पर बनी सहमति, मृतकों के परिजनों को 21 लाख, आंदोलन खत्म

रामगढ़ : थाना क्षेत्र के हेसला गांव स्थित झारखंड इस्पात प्लांट (जेएसपी) में हुए भीषण फर्नेस ब्लास्ट हादसे में एक और मजदूर की मौत हो गई है। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। गंभीर रूप से घायल बृजलाल बेदिया ने रांची के देवकमल अस्पताल में सोमवार देर रात दम तोड़ दिया। इससे पहले अशोक बेदिया और अखिल राय की भी इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। हादसे में घायल चार अन्य मजदूर अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल था जिसे लेकर ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। सोमवार देर रात जिला प्रशासन, प्लांट प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच वार्ता के बाद स्थिति सामान्य हुई। वार्ता में छह बिंदुओं पर सहमति बनी जिसके तहत मृतकों के आश्रितों को 21-21 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा सभी घायलों का निःशुल्क इलाज कराने, पूरी तरह स्वस्थ होने तक वेतन देने और मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। साथ ही ईएसआईसी सुविधा लागू करने और तीन माह के भीतर प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया है। समझौते के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है लेकिन हादसे ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।