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चैनपुर पहुंचीं राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा, जनसमस्याओं पर अधिकारियों को लगाई फटकार

रिपोर्ट: शनिरंजन 1 घंटे पहलेझारखण्ड

स्वास्थ्य, पेयजल और विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, आशा लकड़ा ने योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के दिए निर्देश

चैनपुर पहुंचीं राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा, जनसमस्याओं पर अधिकारियों को लगाई फटकार

चैनपुर, गुमला : राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने शुक्रवार को चैनपुर प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर जनजातीय क्षेत्रों की समस्याओं की विस्तार से समीक्षा की। प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित अध्ययन कक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की जानकारी ली। बैठक में स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठे जिन पर आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में चैनपुर प्रखंड के सुदूरवर्ती गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधि पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आशा लकड़ा के स्वागत से हुई। इसके बाद आदिवासी महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और रीति-रिवाजों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया तथा पारंपरिक अंदाज में कार्यक्रम स्थल तक अगुवाई की। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सबसे पहले सरकारी विकास योजनाओं में आ रही बाधाओं का मुद्दा उठाया। विशेष रूप से बालू की अनुपलब्धता के कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित होने की शिकायत की गई। इस पर आशा लकड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कारण से विकास कार्य बाधित नहीं होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में प्रशासनिक या अन्य किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो उसका तत्काल समाधान कर योजनाओं को समय पर पूरा कराया जाए ताकि जनता को उनका लाभ मिल सके। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और एंबुलेंस की भारी कमी है। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई मरीजों को जान तक गंवानी पड़ी है। इस पर राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को चिकित्सकों की उपलब्धता, एंबुलेंस सेवा और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति भी चर्चा का प्रमुख विषय रही। ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड के आधे से अधिक गांवों में योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है जबकि अनेक गांवों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इससे लोगों को आज भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। आशा लकड़ा ने अधिकारियों को योजना की विस्तृत समीक्षा करने, खराब पड़ी योजनाओं को तत्काल दुरुस्त कराने तथा प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा शिक्षा, सड़क, सिंचाई, आधारभूत सुविधाओं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े कई मुद्दे भी बैठक में उठाए गए। आयोग की सदस्य ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय जनजाति आयोग जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा संबंधित विभागों से प्रगति रिपोर्ट भी मांगी जाएगी ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके। बैठक में अंचलाधिकारी दिनेश गुप्ता, सीओ नरेंद्र सेठ, आपूर्ति पदाधिकारी अरुण यादव, बीपीओ संदीप उरांव, पंचायत सचिव राममोहन साहू, महताब आलम, संतोष यादव, अल्बर्ट तिग्गा, रघुनंदन प्रसाद, मनोहर बड़ाईक, प्रमोद खलखो, कमलेश बरवा, कृष्णा उरांव, शोभा देवी, बुधराम नायक, संगीता देवी, कलावती देवी, रुक्मिणी देवी, सीता देवी, अनिता देवी, दीपक रजक सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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