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नववर्ष पर खगोलीय संयोग, सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगी पृथ्वी, चंद्रमा देगा सुपरमून जैसा दृश्य

रिपोर्ट: VBN News Desk67 दिन पहलेदेश

खगोल प्रेमियों के लिए खास शनिवार, पेरिहेलियन के साथ दिखेगा चमकदार पूर्णिमा चंद्रमा

नववर्ष पर खगोलीय संयोग, सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगी पृथ्वी, चंद्रमा देगा सुपरमून जैसा दृश्य

खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहने वाला है। नववर्ष 2026 की शुरुआत में पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है जिसे वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन जहां पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीकी बिंदु पर पहुंचेगी वहीं चंद्रमा भी पृथ्वी के काफी पास रहकर सुपरमून जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा। मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि आकाशीय पिंड अपनी कक्षा में अंडाकार पथ पर घूमते हैं। इस कारण वे वर्ष में एक बार सबसे नजदीक और एक बार सबसे दूर होते हैं। सूर्य के सबसे निकट पहुंचने की स्थिति को पेरिहेलियन कहा जाता है। उन्होंने बताया कि शनिवार रात 10 बजकर 45 मिनट पर पृथ्वी सूर्य के सबसे पास होगी और उस समय दोनों के बीच की दूरी लगभग 14 करोड़ 70 लाख 99 हजार 894 किलोमीटर रह जाएगी। जुलाई माह में यही दूरी बढ़कर लगभग 15 करोड़ 20 लाख 87 हजार 774 किलोमीटर हो जाती है। वहीं चंद्रमा को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर इसे वुल्फ सुपरमून कहा जा रहा है लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह पूरी तरह सुपरमून नहीं है। चंद्रमा 1 जनवरी को पृथ्वी के सबसे नजदीक आया था और अब धीरे-धीरे दूर जा रहा है। पूर्णिमा की अवस्था में चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3 लाख 62 हजार किलोमीटर की दूरी पर रहेगा और मिथुन राशि में स्थित होगा। सारिका घारू ने बताया कि यदि वास्तविक सबसे बड़ा और चमकदार सुपरमून देखना हो तो इसके लिए 24 दिसंबर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि नववर्ष के पहले सप्ताह में सूर्य और चंद्रमा दोनों के पृथ्वी के निकट होने से यह सप्ताहांत खगोल प्रेमियों के लिए यादगार रहेगा।

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