बिजली-पानी संकट पर भाजपा का हल्लाबोल, सरायकेला में हेमंत सरकार के खिलाफ जोरदार धरना
खराब चापाकलों और बिजली कटौती को लेकर भाजपा ने दी आंदोलन की चेतावनी

सरायकेला : झारखंड में बढ़ती बिजली कटौती, जल संकट और अव्यवस्थित व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को सरायकेला जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। धरना कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा सरायकेला जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और सुखाड़ जैसे हालात के बीच जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र गंभीर बिजली संकट और पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन सरकार समाधान के बजाय केवल घोषणाओं में व्यस्त है। हरे कृष्णा प्रधान ने कहा कि जिले में करीब 300 चापाकल खराब पड़े हैं जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने इन खराब चापाकलों की सूची जिला प्रशासन को सौंपते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की। उन्होंने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार बिजली बिल माफी का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर गरीब परिवारों को हजारों रुपये के बकाया बिल थमाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों से आम उपभोक्ता परेशान हैं और लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही बिजली और पानी की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो पार्टी राज्यव्यापी उग्र जन आंदोलन शुरू करेगी। नेताओं ने कहा कि यह धरना केवल शुरुआत है और जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी। धरना प्रदर्शन में पूर्व सांसद दिनेशानंद गोस्वामी, भाजपा नेता अभय सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह देव, आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार, पूर्व डिप्टी मेयर अमित सिंह बॉबी, अनंतराम टुडु, ललन शुक्ला, सतीश शर्मा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रितिका मुखी, सारथी महतो, अनिता पारित, अनीशा सिन्हा, सुनीता मिश्रा समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।