ताज़ा-ख़बर

बोकारो: पुष्पा महतो हत्या मामले में पुलिस की लापरवाही, पिंड्राजोरा थाना प्रभारी समेत 28 कर्मी निलंबित

रिपोर्ट: VBN News Desk9 घंटे पहलेझारखण्ड

पहली एसआइटी की जांच में देरी, आरोपित को बचाने की कोशिश; दूसरी एसआइटी ने एक दिन में कांड का खुलासा किया

बोकारो: पुष्पा महतो हत्या मामले में पुलिस की लापरवाही, पिंड्राजोरा थाना प्रभारी समेत 28 कर्मी निलंबित

बोकारो: बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में हुई पुष्पा महतो अपहरण और हत्या मामले में थाना प्रभारी अभिषेक रंजन सहित थाने के सभी 28 अधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया है।

निलंबित अधिकारियों में दस सब-इंस्पेक्टर, पांच सहायक अवर निरीक्षक, दो हवलदार और 11 सिपाही शामिल हैं। मामला 24 जुलाई, 2025 को शुरू हुआ, जब पुष्पा की मां ने उसकी गायब होने की सूचना दी थी। बावजूद इसके, प्राथमिकी दर्ज करने में लगभग दस दिन की देरी हुई।

एसपी ने बताया कि प्रारंभिक एसआइटी ने दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया और जांच में आरोपित को लाभ पहुँचाने की कोशिश की गई। इसके बाद सिटी डीएसपी आलोक रंजन की अगुवाई में दूसरी एसआइटी बनाई गई, जिसने सिर्फ एक दिन में आरोपित दिनेश को गिरफ्तार किया और हत्याकांड का खुलासा किया।

जांच में सामने आया कि दिनेश और पुष्पा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। लगातार शादी का दबाव मिलने पर परेशान होकर दिनेश ने पुष्पा को चास कॉलेज बुलाने के बहाने जंगल में ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस ने हड्डी, बाल और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया।

एसपी ने स्पष्ट किया कि थाने के सभी कर्मियों ने कांड के खुलासे में अपेक्षित सहयोग नहीं किया, गोपनीयता का उल्लंघन किया और आरोपित को बचाने के लिए रुपये के लेन-देन की शिकायत भी मिली। पुलिस कर्मियों और आरोपी के बीच पार्टी करने की जानकारी भी सामने आई।

परिवार द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद अदालत ने पुलिस की लापरवाही पर सख्त आदेश दिया। मृतक पुष्पा का कंकाल पिछले शनिवार को बरामद किया गया था।

इन्हें भी पढ़ें.