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“विकसित भारत @ 2047” पर राष्ट्रीय सम्मेलन का ब्रॉशर जारी, मई में होगा भव्य आयोजन

रिपोर्ट: VBN News Desk5 घंटे पहलेझारखण्ड

योगदा सत्संग आश्रम में हुआ विमोचन, देशभर के शोधकर्ता, शिक्षाविद और नीति-निर्माता होंगे शामिल

“विकसित भारत @ 2047” पर राष्ट्रीय सम्मेलन का ब्रॉशर जारी, मई में होगा भव्य आयोजन

रांची: रांची स्थित योगदा सत्संग आश्रम में “विकसित भारत @ 2047: शताब्दी वर्ष के लिए विकसित भारत की परिकल्पना” विषय पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन के ब्रॉशर का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय बना दिया।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 23 और 24 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन योगदा सत्संग महाविद्यालय, रांची के वाणिज्य विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। सम्मेलन को झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार का प्रायोजन प्राप्त है, जिससे इसके महत्व और व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ब्रॉशर का विमोचन स्वामी निश्‍चलानंद गिरि, अध्यक्ष, शासी निकाय द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत @ 2047 का सपना तभी साकार हो सकता है, जब शिक्षा, शोध और नैतिक मूल्यों का समन्वय हो। उन्होंने युवाओं और शिक्षाविदों से इस दिशा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल ज्ञान भूषण (सेवानिवृत्त), उपाध्यक्ष, शासी निकाय ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जिसमें शिक्षा, तकनीक, नवाचार और सामाजिक समावेशन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कार्यक्रम में सह-प्रायोजक अश्वनी सक्सेना, कर्नल हिमांशु शेखर (सेवानिवृत्त) एवं प्रगति बक्शी भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की मांग बताया।

सम्मेलन के संयोजक डॉ. रविन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “विकसित भारत @ 2047” केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं के बीच निरंतर संवाद और सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन, तकनीकी नवाचार, पर्यावरणीय संतुलन और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।

सह-संयोजक डॉ. मृत्युंजय कुमार एवं आयोजन सचिव सिमरन कौर ने बताया कि सम्मेलन में देशभर से शोधकर्ता, प्राध्यापक, विद्यार्थी, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता भाग लेंगे। प्रतिभागियों को अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने और विचार साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे एक समग्र और व्यवहारिक दृष्टिकोण विकसित किया जा सके।

आयोजकों ने देशभर के इच्छुक प्रतिभागियों से अपील की है कि वे इस सम्मेलन में भाग लेकर विकसित भारत @ 2047 की परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान दें। यह सम्मेलन न केवल अकादमिक चर्चा का मंच बनेगा, बल्कि भविष्य की नीतियों और रणनीतियों के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगा।

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