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चैनपुर की बेटी कंचन टोप्पो बनीं झारखंड सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर

रिपोर्ट: शनिरंजन 39 दिन पहलेझारखण्ड

JSSC CGL में लहराया परचम

चैनपुर की बेटी कंचन टोप्पो बनीं झारखंड सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर

चैनपुर-: मंगलवार का दिन रांची के ऐतिहासिक मोराबादी मैदान के लिए एक नई उम्मीद और गर्व का साक्षी बना। झारखंड सरकार द्वारा आयोजित भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सैकड़ों युवाओं के सपने सच हुए। इन्हीं चेहरों में एक चमकता हुआ चेहरा कंचन टोप्पो का था जिनकी कहानी आज राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।कंचन टोप्पो गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत प्रेमनगर गांव की रहने वाली हैं। उनके जीवन का सबसे कठिन दौर साल 2014 में आया जब उनके पिता स्वर्गीय जेरोम टोप्पो (जो एक सरकारी शिक्षक थे) का निधन हो गया। पिता के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा लेकिन कंचन ने हिम्मत नहीं हारी। उनकी माँ जेम्मा टोप्पो जो एक गृहिणी हैं उन्होंने संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में भी कंचन के हौसले को टूटने नहीं दिया। कंचन की शुरुआती शिक्षा संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय चैनपुर से हुई। इसके बाद उन्होंने राँची के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। कंचन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत माता-पिता के आशीर्वाद और कुछ कर गुजरने के अटूट संकल्प को दिया है। JSSC CGL में लहराया परचम झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित CGL परीक्षा में कंचन ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनका चयन झारखंड सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के महत्वपूर्ण पद पर हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कंचन के चेहरे पर एक तरफ अपनी मेहनत की सफलता की खुशी थी तो दूसरी तरफ पिता की कमी का अहसास। अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कंचन टोप्पो ने कहा की यह पद मेरे लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि राज्य की सेवा करने का एक अवसर है। मैं झारखंड के विकास के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करूंगी। कंचन की यह उपलब्धि न केवल उनके गांव और जिले का नाम रोशन करती है बल्कि यह भी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो अभाव और संघर्ष भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते।

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