राज्यपाल से मिलीं चंपई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन, सबर जनजाति के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
जल-जंगल-जमीन, स्थानीय नीति और आदिवासी अधिकारों पर राज्यपाल से हुई विस्तृत चर्चा

रिपोर्ट : सौरभ कुमार
जादूगोड़ा : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार से राजभवन में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को अपने हाथों से बनाई गई चित्रकला भेंट कर विभिन्न जनजातीय और सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। करीब 20 मिनट तक चली इस मुलाकात में दुखनी सोरेन ने विशेष रूप से जादूगोड़ा, पोटका, घाटशिला और बहड़ागोड़ा क्षेत्र में रहने वाली सबर जनजाति की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह जनजाति धीरे-धीरे विलुप्ति की कगार पर पहुंच रही है लेकिन सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ अब तक इन तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। दुखनी सोरेन ने राज्यपाल के समक्ष सबर जनजाति की घटती आबादी पर गंभीर चिंता जताते हुए इस दिशा में विशेष पहल की मांग की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अस्तित्व को बचाने के लिए सरकार को संवेदनशील और प्रभावी कदम उठाने होंगे। राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से सुना और सबर जनजाति की घटती संख्या के कारणों के बारे में जानकारी ली। मुलाकात के दौरान दुखनी सोरेन ने एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा, स्थानीय नीति का सख्ती से पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में ठोस पहल करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि राज्य के विकास कार्यों, टेंडर और रोजगार में स्थानीय आदिवासी एवं मूलवासी युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही ग्राम सभा और ग्राम प्रधान को संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप अधिक शक्तियां देने, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा खनन प्रभावित इलाकों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की मांग उठाई गई। दुखनी सोरेन ने पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शंकर मुंडा, विकास कुमार भक्त और आसित कुमार मंडल भी उपस्थित रहे।