वार्ड 17 में अतिक्रमण हटाने को लेकर हंगामा, पार्षद नीतू शर्मा ने उठाए भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर सवाल
सभी पर हो समान कार्रवाई - अतिक्रमण के विरोध में खुलकर सामने आईं पार्षद नीतू शर्मा

आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 17 स्थित प्रभात पार्क के समीप शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर जमकर विवाद और हंगामा देखने को मिला। फुटपाथी दुकानदारों के बीच शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि स्थानीय पार्षद नीतू शर्मा को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने पार्षद से भी तीखी बहस कर दी जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा पूर्व में जारी नोटिस के बाद प्रभात पार्क से सटे कुछ दुकानदारों ने अपना अतिक्रमण स्वयं हटा लिया था। हालांकि पार्क के दूसरी ओर अब भी कई फुटपाथी दुकानदारों द्वारा अवैध कब्जा जारी रखा गया है। इसी बीच पार्क के संवेदक ने दोबारा अतिक्रमण रोकने के उद्देश्य से अस्थायी घेराबंदी कर दी थी। शुक्रवार को जब एक दुकानदार वहां दुकान लगाने पहुंचा तो उसे रोक दिया गया जिसके बाद दुकानदारों के दो गुट आमने-सामने आ गए। सूचना मिलने पर पार्षद नीतू शर्मा मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी ली। इसी दौरान कुछ फुटपाथी दुकानदार उनसे उलझ पड़े। पार्षद नीतू शर्मा ने नगर निगम अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर पूरे इलाके से निष्पक्ष और समान रूप से अतिक्रमण हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदारों को डराकर अतिक्रमण हटवाया गया, जबकि दूसरे पक्ष को संरक्षण देकर कब्जा बनाए रखने दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कार्रवाई करनी है तो सभी फुटपाथी दुकानदारों पर एक समान नियम लागू होना चाहिए। नीतू शर्मा ने कहा कि सरकारी आदेश का पालन करने वाले दुकानदारों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने एक आंख में काजल और दूसरे में सूरमा वाली नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे को आगामी बोर्ड बैठक में उठाने की बात कही। मामले की सूचना पर आदित्यपुर थाना की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने संबंधित पक्षों से लिखित आवेदन देने को कहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने पार्षद नीतू शर्मा के रुख का समर्थन करते हुए पूरे क्षेत्र से समान और निष्पक्ष तरीके से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।