बर्नपुर के गुरमत सिख्या कैंप में जमशेदपुर के बच्चों का जलवा, हरवंशपाल सिंह और जगजोत सिंह ने जीते पुरस्कार
56वें गुरमत सिख्या कैंप में 290 बच्चों ने लिया हिस्सा, जगजोत सर्वश्रेष्ठ शिक्षार्थी तो हरवंशपाल सर्वश्रेष्ठ दस्तार सजाने में अव्वल

जमशेदपुर : पश्चिम बंगाल के बर्नपुर में आयोजित 56वें गुरमत सिख्या कैंप में जमशेदपुर के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन किया। शिविर में जगजोत सिंह को सर्वश्रेष्ठ शिक्षार्थी (ट्रेनी) चुना गया जबकि हरवंशपाल सिंह को सबसे सुंदर दस्तार सजाने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी का पुरस्कार मिला। दोनों बच्चों की उपलब्धि से जमशेदपुर के सिख समाज में खुशी का माहौल है। गुरुद्वारा साहिब बर्नपुर और द सिख फोरम एंड सिख वेलफेयर एसोसिएशन, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह आठ दिवसीय धार्मिक शिविर शनिवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। 17 से 24 अक्टूबर तक चले इस शिविर में कुल 290 बच्चों ने हिस्सा लिया। जमशेदपुर से 40 बच्चे बर्नपुर पहुंचे थे जिनमें 30 कैंपर और 10 ट्रेनी के रूप में पंजीकृत थे। शिविर के दौरान बच्चों को गुरुमुखी लिपि, नितनेम, गुरबाणी पाठ, कीर्तन और सिख रहत मर्यादा की विस्तृत शिक्षा दी गई। इसके साथ ही सिख गुरुओं के जीवन, उनके त्याग, आदर्शों और सिद्धांतों से भी परिचित कराया गया। बर्नपुर, आसनसोल, रानीगंज, बराकर, वर्दवान, जमशेदपुर, रांची और धनबाद सहित विभिन्न शहरों से बच्चे शिविर में शामिल हुए। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, मानगो के महासचिव जसवंत सिंह जस्सू ने सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए सभी बच्चों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ की पूर्व मेयर हरजिंदर कौर, एसजीपीसी की कार्यकारिणी सदस्य, कोलकाता के सभी गुरुद्वारा के प्रधान और सचिव डॉ. राजवंत सिंह, यूएसए से प्रसिद्ध सिख विद्वान ज्ञानी सुखविंदर सिंह रटौल, पंजाब के श्रीआनंदपुर साहिब से ज्ञानी शमशेर सिंह, ब्रह्मपुरा, गुरमत ज्ञान कॉलेज, पंजाब की सुखमनी कौर, असिस्टेंट प्रोफेसर भाई मणि सिंह, पंजाब के लोंगेवाल खालसा कॉलेज से बलजीत कौर तथा द सिख फोरम, कोलकाता के अध्यक्ष दिलवीर सिंह और महासचिव गुरु शरण सिंह, बारावनी के विधायक अरिजीत राय, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जसवंत सिंह, चरण सिंह, अजीत सिंह, रंजीत सिंह कैरो, सुखबीर सिंह, दलवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, जसवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, सतनाम सिंह सहित विभिन्न गुरुद्वारों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।