झारखंड में 1,042 सहायक आचार्यों को मिला नियुक्ति पत्र, सीएम हेमंत सोरेन बोले- भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी अब आपके कंधों पर
रांची में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र, कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी विद्यालयों में होगी शिक्षकों की तैनाती

रांची: झारखंड के सरकारी विद्यालयों के लिए चयनित 1,042 इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को सोमवार को राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने नवचयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को केवल सरकारी नौकरी नहीं मिली है, बल्कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी मिली है। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और समाज को सही दिशा देने में शिक्षकों की सबसे अहम भूमिका होती है।
उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर उठने वाले सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि नए शिक्षकों को अपने समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली से लोगों का विश्वास और मजबूत करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान ही समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही एक जागरूक एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।
इस नियुक्ति प्रक्रिया के तहत 274 सहायक आचार्यों की नियुक्ति कक्षा 1 से 5 के लिए तथा 768 सहायक आचार्यों की नियुक्ति कक्षा 6 से 8 के लिए की गई है। स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों में सामाजिक विज्ञान के 387, गणित एवं विज्ञान के 231 तथा भाषा विषय के 150 शिक्षक शामिल हैं।
जिलावार नियुक्तियों में पलामू को सर्वाधिक 123 सहायक आचार्य मिले हैं। इसके बाद गिरिडीह (92), कोडरमा (81), साहिबगंज (63), पश्चिमी सिंहभूम (61), देवघर (59), दुमका (54), गोड्डा (53), पाकुड़ (51), धनबाद (42), लातेहार (41), पूर्वी सिंहभूम एवं जामताड़ा (39-39), रांची (36), सरायकेला-खरसावां एवं गढ़वा (34-34), गुमला (27), बोकारो (24), सिमडेगा (21), हजारीबाग (15), खूंटी (12), लोहरदगा (11) तथा रामगढ़ (4) सहायक आचार्यों की नियुक्ति की गई है।
समारोह में Radhakrishna Kishore सहित स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।