सिंहभूम कॉलेज चांडिल में कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू करने की मांग तेज, जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने सौंपा ज्ञापन
मातृभाषा में उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे छात्र, नए सत्र से कुड़मालि विषय शुरू कराने की उठी मांग

चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिला परिषद की उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने सिंहभूम महाविद्यालय, चांडिल के प्राचार्य से मुलाकात कर नए शैक्षणिक सत्र से कुड़मालि भाषा की पढ़ाई प्रारंभ कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान क्षेत्र में मातृभाषा आधारित उच्च शिक्षा की आवश्यकता सहित विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि चांडिल अनुमंडल में सिंहभूम कॉलेज ही एकमात्र महाविद्यालय है जबकि क्षेत्र के अधिकांश मध्य विद्यालयों, उच्च विद्यालयों एवं प्लस-टू विद्यालयों में वर्षों से कुड़मालि भाषा की पढ़ाई होती रही है। इसके बावजूद महाविद्यालय स्तर पर इस भाषा में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण कुड़मालि भाषा के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मधुश्री महतो ने कहा कि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में कुड़मालि लोगों की प्रमुख मातृभाषा है। यह केवल किसी एक समुदाय की भाषा नहीं, बल्कि क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के बीच संवाद का प्रमुख माध्यम भी है। इसके बावजूद महाविद्यालय में अब तक कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने प्राचार्य से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए नए सत्र से कुड़मालि भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी सुनील कुमार महतो, डॉ. विभीषण महतो, पंचानन महतो, बिमल चंद्र महतो सहित कई सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित थे। उपस्थित लोगों ने भी क्षेत्रीय भाषा के संरक्षण एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए कुड़मालि विषय की पढ़ाई शीघ्र शुरू कराने की मांग का समर्थन किया।