धनरोपनी से पहले किसानों पर टूटी आफत, टूटा सोनपुरवा माइनर नहर
हजारों एकड़ धान की खेती पर मंडराया संकट

हैदरनगर (पलामू) : उत्तर कोयल मुख्य नहर से जुड़े सोनपुरवा माइनर में पहले ही दिन पानी छोड़े जाने के साथ नहर टूट जाने से हैदरनगर प्रखंड के सैकड़ों किसानों की चिंता बढ़ गई है। धनरोपनी के सबसे महत्वपूर्ण समय में नहर क्षतिग्रस्त होने से सोनपुरवा, बहेरा, रीगाडीह व बलि बिगहा गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि पर सिंचाई का संकट गहरा गया है।
किसानों का आरोप है कि नहर के निर्माण व मरम्मत कार्य में भारी लापरवाही बरती गई। ठेकेदार ने लगभग दो किलोमीटर तक कार्य किए जाने का दावा किया। लेकिन ह्यूम पाइप केवल एक किलोमीटर तक ही लगाया। शेष हिस्से में मिट्टी भरकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। इसके कारण पानी का दबाव पड़ते ही नहर टूट गई।भुक्तभोगी किसान व चौकड़ी पंचायत के उपमुखिया सतीश सिंह ने बताया कि ठेकेदार ने मिट्टी का कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया।
परिणामस्वरूप पानी छोड़े जाने के पहले ही दिन नहर ध्वस्त हो गया। किसान संग्राम सिंह, नरेंद्र सिंह, विकास सिंह, कुणाल कुमार, वीरेंद्र सिंह, उदय सिंह तथा कामाख्या सिंह सहित बहेरा गांव के कई किसानों ने कहा कि धनरोपनी का समय शुरू हो चुका है। नहर टूट जाने से पूरी खेती संकट में पड़ गई है।किसानों ने विभाग से तत्काल नहर की मरम्मत कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने तथा शीघ्र सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।